ऊना। जिला के 24 स्कूलों में जल्द 100 बीएड प्रशिक्षु सेवाएं देंगे। यह सेवाएं उन्हें अध्यापन प्रशिक्षण प्राप्त करने के तौर पर होंगी। इससे जहां प्रशिक्षुओं को विद्यार्थियों को पढ़ाने का अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। तो दूसरी ओर अध्यापकों की कमी झेल रहे स्कूलों को भी विद्यार्थी की पढ़ाई सुचारू तरीके से करने में मदद मिलेगी। जानकारी के अनुसार शिक्षा भारती की ओर से बीते दिनों शिक्षा विभाग को एक पत्र लिखा गया था, जिसमें बीएड काॅलेज समूर खुर्द में पढ़ाई करने वाले प्रशिक्षुओं को स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाने की अनुमति मांगी गई। इसके बाद विभाग ने इसकी अनुमति प्रदान की है। जिन स्कूलों में प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के लिए अनुमति मिली है, उनकी कुल संख्या 100 के करीब है। इसमें समूरकलां, बौल, थानाकलां, बंगाणा, चुल्हड़ी, धुंदलां, नंगल सलांगड़ी, हटली, बल्ह, रायंसरी, बुधान, लठियाणी, नैहरियां, बहडाला, सलोह, बड़ूही, हरोली, ऊना, पिपलू, कुठेड़ा खैरला, मलांगड़ सहित अन्य स्कूल शामिल हैं।
बता दें कि जिला के अधिकतर सरकारी स्कूलों में बीते लंबे समय अध्यापकों की कमी चली आ रही है। कई बार अध्यापकों को दो से तीन विषय अकेले पढ़ाने पड़ रहे हैं। ऐसे में बीएड प्रशिक्षुओं के आने से उन्हें विभिन्न विषय पढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं प्रशिक्षुओं को भी पढ़ाई से जुड़े नए अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा।
कोट्स
जिला के स्कूलों में अक्टूबर से जनवरी माह तक बीएड प्रशिक्षुओं को पढ़ाई से जुड़े अनुभव हासिल करने की अनुमति दी गई है। इसका निकट भविष्य में शानदार लाभ मिलना तय है। सभी प्रशिक्षुओं को इसके लिए बहुत शुभकामनाएं।
सोमलाल धीमान, उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा विभाग