हिमाचल में उन सरकारी स्कूलों के शिक्षक तबादले के लिए तैयार रहें, जहां जरूरत से ज्यादा स्टाफ तैनात हैं।
प्रदेश के दूर-दराज के स्कूलों में खाली पदों को भरने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सभी शिक्षक वर्गों में युक्तिकरण के आदेश दिए हैं।
शिक्षक सम्मान समारोह में राजभवन आए मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल युक्तिकरण से खाली पद भरेंगे और इसके बाद क्रियाशील पदों को नई भर्ती से भरा जाएगा।
समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत भी की। मुख्यमंत्री के पास शिक्षा विभाग भी है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों के साथ-साथ देशभक्ति एवं अनुशासन के मूल्य भरना जरूरी है। विद्यार्थियों को देश के संविधान के बारे में पता होना चाहिए।
इसके लिए पिछले कार्यकाल में भारतीय संविधान की प्रस्तावना को स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में लगाया था।
उन्होंने दोबारा निर्देश दिए कि संविधान की प्रस्तावना के कैलेंडर सभी शिक्षण संस्थानों, पुस्तकालय और सरकारी कार्यालयों में लगाए जाएं।
सीएम ने प्राइमरी स्तर पर वार्षिक परीक्षाओं को हटाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केवल आकलन के आधार पर बच्चों को अगली क्लास में भेजना ठीक नहीं है। इस मसले को सरकार दोबारा केंद्र से उठाएगी।
राज्य सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा में बच्चों के प्रवेश का सौ फीसदी लक्ष्य हासिल किया है। लेकिन उच्च शिक्षा में यह प्रतिशतता कम है। इसे 60 प्रतिशत से ऊपर ले जाना होगा।
इन वर्गों में होगा युक्तिकरण
शिमला। शिक्षा विभाग ने अभी टीजीटी में युक्तिकरण शुरू किया था। लेकिन यह अब जेबीटी, सीएंडवी, स्कूल लेक्चरर और कालेज प्रवक्ताओं के स्तर पर भी होगा।
राज्य में इस समय 15 हजार से अधिक सरकारी शिक्षण संस्थान हैं। इस साल सरकार शिक्षा क्षेत्र पर ही 3836 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।
ऐसे होता है युक्तिकरण
शिमला। युक्तिकरण के तहत शिक्षकों को स्कूल में बच्चों की संख्या के आधार पर रखा जाता है। कम छात्रों वाले स्कूलों से शिक्षकों को बदल कर ऐसे स्कूलों में भेजा जाता है, जहां शिक्षक कम हैं।
वर्तमान में मिडिल तक शिक्षक छात्र अनुपात 1:60 और सेकेंडरी में 1:70 है। इसी आधार पर युक्तिकरण होगा।
इस वक्त 9192 पद खाली
शिमला। इस समय शिक्षकों के कुल 9192 पद खाली चल रहे हैं। सर्वाधिक 4314 रिक्तियां सीएंडवी में है। सरकार ने पद भरने का वादा किया है, लेकिन नई भर्ती में समय लगता है।
इसलिए पहले युक्तिकरण होगा। हिमाचल में शिक्षकों के लगभग 74 हजार पद हैं।