परवाणू के उद्योग में नाइट शिफ्ट करने के बाद तीनों गए थे नहाने
पांच घंटे बाद जेसीबी की मदद से गहरे पानी से निकाला शव
पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू (सोलन)। परवाणू के साथ लगते कौशल्या बांध में बुधवार को नहाने गए तीन युवकों में से युवक की डूबने से मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयासों के बावजूद युवक को नहीं बचाया जा सका। करीब पांच घंटे बाद शव को पानी से बाहर निकाला जा सका।
स्थानीय कोट बेजा पंचायत के बनोई गांव के तीन युवक उद्योग में नाइट शिफ्ट करने के बाद दोपहर करीब 12:00 बजे कौशल्या बांध में नहाने पहुंचे। इसी दौरान 25 वर्षीय सचिन ने बांध के पास से छलांग लगा दी। छलांग लगाते ही वह पानी में डूब गया और बाहर नहीं आ सका। उसके साथ मौजूद युवकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सचिन का कुछ पता नहीं चल पाया।
उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस दल और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू कर्मियों ने रस्सों की मदद से पानी में उतरकर खोजबीन की, लेकिन बांध में करीब 15 फुट से अधिक गहराई होने के कारण अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया।
पानी का स्तर कम करने के लिए अस्थायी निकासी की व्यवस्था की गई। दोपहर बाद करीब 4:00 बजे जेसीबी मशीन को भी मौके पर बुलाया गया। इसके बाद बांध के एक ओर से खोदाई कर पानी का स्तर कम किया गया। करीब एक घंटे बाद 5:00 बजे पानी घटने पर शव को बाहर निकाला जा सका। सचिन के साथ गए उसके मित्र भूपिंदर और मुकुल ने बताया कि उन्होंने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन वह गहरे पानी में चला गया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ईएसआई अस्पताल परवाणू भेज दिया है। मृतक की पहचान सचिन (25) पुत्र ओम प्रकाश निवासी गांव बनोई, पंचायत कोट बेजा के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-अनिल शर्मा, डीएसपी परवाणू
पहले भी हो चुके हैं हादसे
इससे पहले भी कौशल्या बांध में कई हादसे हो चुके हैं। कामली पंचायत की प्रधान धर्मी देवी ने बताया कि यहां पहले भी हादसे हो चुके हैं। पंचायत की ओर से बांध में नहाने पर रोक संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बावजूद लोग यहां नहाने पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि कौशल्या बांध क्षेत्र में गहरे पानी और फिसलन के कारण लगातार खतरा बना रहता है। प्रशासन और पंचायत की ओर से समय-समय पर लोगों को बांध में न उतरने की चेतावनी दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद लोग जोखिम उठाकर नहाने पहुंच रहे हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है।