पढ़ाई के साथ सामाजिक सरोकार को एक दायित्व समझना यूथ का कर्तव्य है। इसी कर्तव्य को युवा समझे तो देश नशामुक्त और अनगिनत सामाजिक कुरीतियों तथा उत्पीड़न से बचा सकता है। ऐसे स्टूडेंट और युवा वर्ग के लिए जिला न्यायिक सेवा प्राधिकरण पायलट प्रोजेक्ट के तहत अनूठी योजना एक सप्ताह के भीतर शुरू करने जा रहा है। इसमें सोलन के प्रत्येक स्कूल, विवि और शिक्षण संस्थान में शिकायत तथा सुझाव बॉक्स लगाए जाएंगे।
छात्रों को नशे के सौदागरों को लेकर सूचना देनी हो या बाल मजदूरी, इव टीज (छेड़छाड़), शारीरिक उत्पीड़न की शिकायत करनी हो तो पुलिस स्टेशन, चौकी या संस्थान प्रबंधन के कार्यालयों में काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपके खुद के शिक्षण संस्थान में लगे बाक्स में महज एक सादे कागज में लिखी शिकायत को में डालना होगा। यूथ की आवाज, सूचना और शिकायत न्यायपालिका और पुलिस तक पहुंच जाएगी। यही नहीं अगर शिकायत कर्ता नाम गुप्त रखना चाहे तो उसका नाम भी गुप्त रखा जाएगा। फिल्हाल प्राधिकरण इस योजना को ट्रायल के तौर पर पांच शिक्षण संस्थानों में इन बॉक्सों को लगा रहा है। लेकिन प्रयास सफल रहा तो तमाम शिक्षण संस्थानों और स्कूलों को सूचीबद्ध किया जाएगा।
पहले यह संस्थान हुए शामिल
संस्थान छात्र
- नौणी विश्वविद्यालय 2000
- डिग्री कॉलेज सोलन 4000
- ब्वॉयज स्कूल सोलन 1000
- गल्र्स स्कूल सोलन 1400
- सेंट ल्यूक्स 1900
ऐसे होगी शिकायतों पर कार्रवाई
यह ड्रॉप बाक्स स्कूल में एक प्रयुक्त स्थान पर लगाया जाएगा। हर शुक्रवार को प्राधिकरण के पदाधिकारी इस बाक्स को खोलेंगे। लीगल सर्विसेज की एक कमेटी शिकायतों पर विस्तार से अवलोकन करेगी। संबंधित विभागों को शिकायत प्रेषित करके कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी।
केमिस्ट ऐसोसिएशन ने मिलाया हाथ
केमिस्ट एसोसिएशन इस कार्य के लिए लीगल सर्विसेज अथारिटी के साथ सामने आया है। एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में इस अनूठी योजना पर अमलीजामा पहनाया जा रहा है। सोलन रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल शर्मा ने कहा कि इस मुहिम को सफल बनाने के लिए प्राधिकरण के साथ मिलकर हर संभव कोशिश होगी।
एक सप्ताह के भीतर शुरू होगी योजना : सचिव
जिला न्यायिक सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव न्यायाधीश सिद्धार्थ सरपाल ने इस पायलट प्रोजेक्ट की पुष्टि की है। कहा कि एक सप्ताह के भीतर फिल्हाल इस योजना को ट्रायल बेसिस पर पांच शिक्षण संस्थानों में शुरू किया जा रहा है। अगर यह ट्रायल सफल रहा तो तमाम शिक्षण संस्थानों में इस योजना को लागू किया जाएगा।
हेल्पलाइन नंबर 15100, मेल भी
इसके अलावा अगर किसी को भी कानूनी सहायता की जरूरत हो तो हेल्प लाइन नंबर 15100 पर फोन किया जा सकता है। इसके अलावा सीडीएलएसए सोलन एटदरेट जीमेल.काम पर संपर्क किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए एसएलएसए की वेबसाइट पर भी लाग इन किया जा सकता है।