फिल्म से चला रहे काम, धुंधली होने पर चिकित्सकों को भी आ रहीं दिक्कतें
पिछले करीब छह माह से मरीजों को रोजाना झेलनी पड़ रही है परेशानी
रोजाना अस्पताल में होते हैं 60 से 70 एक्सरे, कई बार करवाना पड़ता है दोबारा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को छह घंटे बाद एक्सरे की रिपोर्ट मिल पा रही है। ऐसे में जहां मरीज परेशान हैं, वहीं डॉक्टरों को भी दिक्कत पेश आ रही है। मरीजों को अधिकतर परेशानी आपातस्थिति में आती है। इस दौरान मरीज को उपचार देने के लिए केवल एक्सरे फिल्म से ही काम चलाना पड़ रहा है। हालांकि, इस समस्या के बारे में मरीज अस्पताल प्रबंधन को बता चुके हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
दूसरी ओर कई बार धुंधली फिल्म आने के कारण चिकित्सक भी सही प्रकार से बीमारी को नहीं पकड़ पा रहे हैं। ऐसे में काफी परेशानी मरीजों को झेलनी पड़ती है। वहीं, कई बार मरीजों को दोबारा एक्सरे करवाने पर भी मजबूर होना पड़ता है। अगर मरीज को एक्सरे की रिपोर्ट की आवश्यकता होती है तो उसे करीब छह घंटे का इंतजार करना पड़ता है।
गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर सोलन ही नहीं बल्कि जिला शिमला और सिरमौर से भी मरीज अपना उपचार करवाने के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन समेत अन्य चिकित्सक हैं, जो बीमारी का पता लगाने के लिए एक्सरे करवाने की सलाह देते हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना 60 से 70 एक्सरे होते हैं। एक्सरे के लिए सिस्टम को पीपीई मोड पर क्रस्ना कंपनी को दिया गया है। कंपनी के कर्मी मरीजों के एक्सरे तुरंत कर फिल्म तो दे देते हैं। लेकिन जब उनसे रिपोर्ट मांगी जाती तो उसके लिए छह घंटे तक रुकने के लिए कहते हैं। कई बार मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए अगले दिन भी अस्पताल आना पड़ता है। हालांकि कई मरीज फिल्म के सहारे ही उपचार करवा रहे हैं। कंपनी कर्मचारियों की माने तो एक्सरे रिपोर्ट क्रस्ना लैब के हेड ऑफिस से आती है। इसके चलते समय लग जाता है।
इनसेट
क्रस्ना लैब प्रबंधक से इस बारे बात की जाएगी। मरीजों को तुरंत रिपोर्ट देने के लिए कहा जाएगा। यदि ऐसा कंपनी नहीं करती है तो इस बारे उच्चाधिकारियों को बताया जाएगा।
-डॉ. संदीप जैन
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन