आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई में कार्यशाला के दौरान मौजूद अध्यापक। स्रोत: स्कूल प्रबंधन
बच्चों के सर्वांगीण विकास के बारे में अध्यापकों को दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सोलन के आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) डगशाई में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जीवन कौशल (उन्नत) और कहानी-वाचन पर दो दिवसीय वृहद कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के शिक्षकों में शैक्षणिक उत्कृष्टता और समग्र शिक्षा की नई पद्धतियों को बढ़ावा देना था। कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को जीवन कौशल से जुड़ी गहन जानकारी दी गई। इस बात पर विशेष बल दिया गया कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक जीवन के लिए कैसे तैयार किया जाए। एक सत्र बच्चों की आलोचनात्मक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने पर केंद्रित रहा। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सोच को विकसित करने के लिए उन्हें बाहरी दुनिया और सामान्य ज्ञान से जोड़ना अनिवार्य है, ताकि उनका क्षितिज विस्तार हो सके। दूसरे दिन, प्रभावी संचार और सहानुभूति को कक्षा शिक्षण का अभिन्न अंग बनाने हेतु नवीन रणनीतियों पर प्रकाश डाला गया। संसाधन व्यक्तियों ने यह प्रदर्शित किया कि कहानी सुनाने को एक सशक्त शिक्षण उपकरण के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। कहानियों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, बेहतर समझ और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ता है, जिससे वे पूरे मन से शिक्षा ग्रहण कर पाते हैं। आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई की प्रधानाचार्य ऋतंभरा घई ने सीबीएसई और सीओई पंचकूला के प्रयासों की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने निरंतर व्यावसायिक विकास की संस्कृति को आगे बढ़ाने की स्कूल की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में जिले के 60 शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी की।