मामले की जांच व दोषियों पर कार्रवाई के बाद माने कामगार
उत्पात मचाने वाले दस कामगारों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने कोर्ट में पेश किए कामगार तीन दिन की रिमांड पर भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी की धागा बनाने वाली कंपनी में मामले की जांच करने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन देने के बाद कामगारों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। सोमवार सुबह 10:00 बजे सभी कामगार अपनी ड्यूटी पर चले गए। शनिवार रात को दो कामगारों को सुरक्षा कर्मी की ओर से थप्पड़ मारने के बाद कंपनी के 1500 कामगार भड़क गए थे। कामगारों ने जहां कंपनी में तोड़फोड़ की वहीं कंपनी के प्रबंधकों पर पत्थरबाजी भी की।
कंपनी में हुई तोड़फोड व मारपीट के की जांच के लिए 6 सदस्यों की कमेटी का गठन किया गया है। पूर्व सहायक निदेशक देवव्रत यादव, कामगार नेता मेला राम चंदेल, कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसएस सक्सेना, सुदेश तिवारी और दो कामगारों को शामिल किया गया। वहीं कंपनी में तोड़फोड़ व उत्पात मचाने वाले 10 कामगारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को अदालत में पेश कर उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार शनिवार की रात को दो कामगार अवकाश लेने के लिए कंपनी के प्रबंधक के पास गए। प्रबंधक ने उन्हें अवकाश देने से इंकार कर दिया। जिस पर सुरक्षा कर्मी ने कामगार के थप्पड़ मार दिया। इसके बाद सभी कामगार आंदोलन पर उतर आए और तोड़फोड की, पत्थर व बोतलें फेंकी। जिससे एक पुलिस कर्मी भी घायल हो गया था। कंपनी में तनाव को देखते हुए पुलिस व बटालियनों के जवान को तैनात किया गया। रविवार को पूरा दिन कामगार काम पर नहीं लौटे और प्रदर्शन करते रहे। पहले कंपनी संचालकों व पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाया लेकिन वह नहीं माने। उस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 कामगार अखिलेश कुमार, प्रदीप कुमार, मनी सिंह, खुश देव, अरुण, प्रतीप कुमार, लगन, श्रवण कुमार, राजेश व दिवाकर को उठा लिया और अन्य को चेतावनी दी कि अगर कोई तोड़फोड़़ करने का कार्य किया तो अन्य को भी गिरफ्तार लिया जाएगा। इस पर कामगार शांत हो गए और बातचीत पर सहमत हो गए। मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई। यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सीसीटीवी कैमरे से पूरे घटनाक्रम को देखा जाएगा।
उधर, डीएसपी खजाना राम ने बताया कि कंपनी में हड़ताल समाप्त हो गई है। उत्पात मचा रहे दस कामगारों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और उन्हें नालागढ़ अदालत में पेश कर तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।