सोलन की आंगनबाड़ी में आयोजित स्तनपान सप्ताह जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को जानकारी देती
बद्दी (सोलन)। आईआरजी संस्था ने ग्लेनमार्क फाउंडेशन के सहयोग से विश्व स्तनपान सप्ताह के पहले दिन हरिपुर, संधोली और सनेड़ के आंगनबाड़ी केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को स्तनपान, मातृ एवं शिशु पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में अंजली गोयल ने माताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर शिशु को स्तनपान कराना बेहद जरूरी है। जन्म के बाद शुरुआती छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध देना चाहिए। मां का दूध शिशु के लिए संपूर्ण आहार है और उसे कई संक्रमणों व बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
स्वास्थ्य कार्यकर्ता ज्योति धीमान और सुषमा शर्मा ने कोलोस्ट्रम यानी जन्म के बाद निकलने वाले पहले पीले गाढ़े दूध के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसे शिशु को जरूर पिलाना चाहिए। छह माह की आयु पूरी होने के बाद पूरक आहार शुरू करने, संतुलित पोषण और स्वच्छता को लेकर भी माताओं को जानकारी दी गई।