विभागों में आपसी तालमेल के अभाव में नालागढ़ में करोड़ों रुपये से दुरुस्त की गई गलियों को दोबारा उखाड़ दिया गया। बीबीएनडीए की ओर से पहले छह करोड़ की लागत से नालागढ़ की गलियों और रास्तों को पक्का किया गया लेकिन बाद में आईपीएच विभाग ने सीवरेज पाइप डालने के लिए इन गलियों को दोबारा खोद डाला।
इससे जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है। नगर परिषद नालागढ़ 21 करोड़ की धरोहर राशि से सीवरेज पाइप डलवा रहा है। हाल ही में छह करोड़ की लागत से यहां की गलियों को इंटरलॉकिंग टायलें डालकर पक्का किया गया है। वर्तमान में सीवरेज पाइप बिछाने के लिए इन गलियों को दोबारा खोदना शुरू कर दिया है। आम जनता को गलियां तथा सड़कों के साथ खुदाई के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
नालागढ़ चिकित्सालय को जाने वाले मार्ग को खोदकर सीवरेज के पाइप तो डाल दिए हैं लेकिन गड्डों में मिट्टी पूरी तरह से नहीं डाली गई। गंदा पानी चिकित्सालय में रुका पड़ा है, चिकित्सालय में आए मरीजों को गंदे पानी से गुजरना पड़ता है। विकास मंच के संयोजक नरेश घई ने इस बात पर चिंता जताई कि सरकार के अधिकारियों को जब इस बात पता था कि शहर के लिए सीवरेज कार्य अति शीघ्र शुरू होने जा रहा है तो विभागों में आपस में इस बारे तालमेल क्यों नहीं बिठाया गया। नगर परिषद और बीबीएनडीए ने शहर में कुछ समय पहले ही गलियों को पक्का किया था। अब सीवरेज पाइपें डालने के लिए इन गलियों को दोबारा उखाड़ना पैसे की बर्बादी है। मंच ने मांग की है कि विकास कार्य करने में सभी विभागों को आपस में तालमेल बिठाना चाहिए। इससे सरकारी संपत्ति को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। आम पब्लिक को बार-बार सड़कें उखाड़ने से यातायात बाधित होता है।
चैंबर बनते ही दुरुस्त होंगी सड़कें
नगर परिषद के प्रधान महेश गौतम ने बताया कि सीवरेज के पाइप डालने से जो सड़कों को नुकसान हुआ है उसके लिए सरकार की तरफ से उन्हें छह करोड़ रुपये सड़कों की रिपेयर के लिए मुहैया करवा दिए हैं। सीवरेज के पाइपों के चैंबर बन जाने के बाद सड़कों की रिपेयर कर दी जाएगी।