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बीबीएन में जलशोधक संयंत्र को हरी झंडी

Sun, 13 Sep 2015 11:10 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, बद्दी (सोलन)।
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बीबीएन में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जलशोधक संयंत्र को हरी झंडी मिलने से सरसा नदी अब प्रदूषित नहीं होगी। सैकड़ों उद्योगों से निकलने वाला गंदा पानी अब सीधे इस नदी में मिलकर जलस्रोतों को खराब नहीं करेगा। बद्दी में बन रहे इस केंद्रीय जल शोधक संयंत्र का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक टीम ने मौके पर जाकर जायजा लिया और उसे चलाने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। कयास लगाए जा रहे हैं कि नवंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू हो सकती है।
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यह प्रोजेक्ट पिछले एक साल से अधिक समय से लेट हो रहा है। यह प्रोजेक्ट लंबित होने से जहां विभागों को कई बार न्यायालय की फटकार लग चुकी है वहीं प्रदूषण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इस सीटीईपी में बरोटीवाला से लेकर मलकूमाजरा तक के पंजीकृत 381 उद्योगों का गंदा पानी इसमें आएगा। इस प्रोजेक्ट पर केंद्र व प्रदेश सरकार 60 करोड़ रुपये व्यय कर रही है।

इस योजना का शुभारंभ का समय 31 मई रखा गया था, लेकिन भारी बरसात ने काम में बाधा अटकाए रखी और यह प्रोजेक्ट लंबा खींचता चला गया। 31 अगस्त तक भी पूरा नहीं हुआ, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अनापत्ति प्रमाण देकर एक प्रकार से किनारे कर लिया है। अब सारी जिम्मेदारी बीबीएन उद्योग व उसके द्वारा गठित स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसवीपी) बद्दी पर आ गई है।
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हिमाचल प्रदेश पर्यावरण एवं प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अधीक्षण अभियंता प्रवीण गुप्ता ने कहा कि विभाग ने सीईटीपी को चालू करने के लिए एनओसी दे दी है। दूसरी ओर बद्दी इंफ्रास्ट्रक्चर के सीईओ केआर चंदेल ने बताया कि सीईटीपी की टेस्टिंग हो चुकी है और औद्योगिक जल को शोधित करने का टेस्ट भी पूरा हो चुका है। अब इसे थर्ड पार्टी टेस्ट कर रही है। उन्होंने बताया कि नवंबर के पहले सप्ताह में इसे चालू करने की योजना बनाई है।
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