शहर के मुख्य पेयजल टैंकों से भी पानी के सैंपल भरे
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अश्वनी खड्ड के बिना उपचार के जल के नमूनों में हेपेटाइट्स -ए यानी पीलिया का वायरस पाए जाने के बाद डीसी डॉ. राकेश कंवर के निर्देश पर नप ने शहर के मुख्य पेयजल टैंकों से भी पानी के सैंपल भरे हैं। सोमवार को नप, आईपीएच और हेल्थ विभाग के अधिकारियों ने शहर को पानी मुहैया करवाने वाले तीनों टैंकों से पानी के सैंपल लिए। इन्हें टेस्ट के लिए कंडाघाट लैब भेज दिया है।
तीनों विभाग ने प्रारंभिक टेस्ट में पानी की रिपोर्ट सही बताई है लेकिन फिर भी एहतियात के तौर पर सभी सैंपल कंडाघाट लैब भिजवाए हैं ताकि गहराई से जांच हो सके। कंडाघाट से तीन बाद पानी की रिपोर्ट आएगी। वहीं अश्वनी परियोजना से सप्लाई बंद होने से शहर में पानी का भारी संकट पैदा हो गया है। सोमवार को आईपीएच विभाग ने गिरि से महज 8 लाख गैलन पानी ही शहर को दिया। इसे रोटेशन के आधार पर उन वार्डों में बांट दिया गया है जहां पिछले कुछ दिनों से सप्लाई नहीं हो पाई थी।
वार्ड एक को लोग परेशान
वार्ड एक के लोगों ने चंबाघाट और देहूंघाट में आईपीएच की डायरेक्ट सप्लाई को बंद करने पर भी एतराज जताया है। लोगों का कहना है कि आईपीएच इन क्षेत्रों में पहले ही पानी बहुत कम दे रहा है ऐसे में आईपीएच द्वारा डायरेक्ट सप्लाई को बंद करना गलत है।
पहले वार्ड एक की प्यास तो बुझाएं : पार्षद
वार्ड एक की पार्षद नीलम सोपाल ने आईपीएच विभाग द्वारा नगर परिषद को चंबाघाट तथा देहूंघाट में आईपीएच की डायरेक्ट सप्लाई को बंद करने की परमिशन देने पर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि आईपीएच के पास इतना पानी है तो चंबाघाट और देहूंघाट के लोगों को पानी के लिए क्यों तरसना पड़ता है। आईपीएच अपने कार्य क्षेत्र के तहत आने वाले लोगों की प्यास तो बुझा दें फिर दूसरे क्षेत्रों के बारे में सोचें। दियोंघाट और चंबाघाट के साथ लगती पंचायतों को 6 से 7 दिनों बाद पानी दिया जाता है, हमारे वार्ड के लोगों की परेशानी को कोई भी नहीं सुन रहा। उन्होंने कहा कि वह नप के खिलाफ भी अपना विरोध दर्ज करवाएंगी।
उपायुक्त के आदेशों पर हो रहे टेस्ट : जेई
नगर परिषद के जेई बीएस ठाकुर ने बताया कि सोमवार को शहर को पेयजल सप्लाई करने वाले 18 लाख गैलन, 12 लाख गैलन और 8 लाख गैलन की भंडारण क्षमता वाले तीनों टैंकों से पानी के सैंपल लिए हैं। इसे टेस्ट करने के लिए कंडाघाट लैब भेजा है। उपायुक्त के आदेशों पर यह कार्यवाही की जा रही है। इसमें नगर परिषद के साथ आईपीएच से बीआरसी जयदेव और स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक नवरोत्तम सिंह भी शामिल रहे।