कोट पंचायत में खारसी नदी से सीधे दर्जनों गांवों को बिना फिल्टर किए पानी की सप्लाई देने के मामले में आईपीएच की नींद आखिर टूट ही गई। आईपीएच ने खड्ड से पेयजल की सप्लाई बंद कर दी है।
खड्ड से सीधे टैंक में लगी पाईप और मोटर भी हटा दी है। हालांकि इसके बाद ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए खासी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है की आईपीएच विभाग लोगों को पर्याप्त पेयजल सप्लाई देने में नाकाम साबित हो रहा है। प्रदेश के नंबर वन अखबार अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
उन्होंने कहा की दूषित पेयजल सप्लाई का मामला उठने के बाद आईपीएच विभाग ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं दे रहा है। ऐसे में पानी का बंदोबस्त करना बेहद मुश्किल हो गया है। वार्ड सदस्य देवदत्त, विद्या देवी, हेतराम और दुनीचंद ने बताया की मुद्दा उठने के बाद फिल्टराइज टैंक का काम दोबारा शुरू हो चुका है। फिलहाल महिलाओं को पूरा दिन दूर दराज बावड़ियों से ही पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
लोगों ने आईपीएच मंत्री से आग्रह किया है की ग्रामीणों को पीने के लिए पर्याप्त पानी मुहैया करवाया जाए। वहीं विभाग का कहना है कि लोगों को पानी की सप्लाई की वैकल्पिक व्यवस्था की है। एसडीओ प्रमोद गौतम ने कहा कि फिलहाल प्राकृतिक स्रोत में पानी का स्तर घट चुका है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।