प्रशासन, आईपीएच और नगर परिषद की नाकामी के चलते सोलन शहर में पेयजल संकट विकराल हो गया है। गर्मियों के मौसम में आम जनता पानी की बूंद-बूंद को तरस रही है। अश्वनी के पानी की लिफ्टिंग पर पहले से ही प्रतिबंध है। गिरि परियोजना में बिजली की समस्या और सिल्ट के कारण शहर की पेयजल सप्लाई बुरी तरह हांफ गई है।
अधिकांश वार्डों के अलावा रबौण, शामती, कथेड़, शमलेच, चंबाघाट के कई स्थानों में जलसंकट गहराया है। लोगों को बोतल बंद पानी के सहारे रहना पड़ रहा है। प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है। पीलिया फैलने के चलते इन प्राकृतिक स्रोतों में पानी की गुणवत्ता पहले ही संदेहजनक है। वीरवार को सोलन शहर में दोपहर तक अधिकांश शहर की आपूर्ति ठप रही। दोपहर बाद कहीं कहीं थोड़ा बहुत पानी छोड़ा गया।
पानी की समस्या को लेकर नगर परिषद और आईपीएच आमने-सामने हैं। नप अधिकारियों का कहना है कि आईपीएच मनमर्जी से पानी की लिफ्टिंग कर रहा है। आईपीएच के अधिकारियों का कहना है कि सिल्ट और बिजली समस्या के कारण पानी लिफ्ट नहीं हो सका है। एक लाख से अधिक की आबादी जल संकट झेल रही है।
सौंपेंगे ज्ञापन : यह है वार्डों की स्थिति
वार्ड नंबर एक की पार्षद नीलम ने कहा कि पूरे वार्ड में आईपीएच की सप्लाई है। इसके बावजूद पानी नियमित नहीं मिल रहा है। पानी के लिए हाहाकार मचा है। शुक्रवार उपायुक्त और आईपीएच अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। टैंकरों और नियमित पानी की मांग ना होने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वार्ड नंबर दो की पाषर्द सुषमा का कहना है कि पांच दिन बाद बेहद कम पानी आया है। वार्ड नंबर तीन पार्वती तनवर का दावा है कि सात दिन से पानी नहीं आया है। लोगों को जवाब देना मुश्किल हो चुका है। वार्ड नंबर पांच पार्षद की डॉ. प्रियंका का कहना है कि छह दिन के बाद थोड़ा और अपर्याप्त पानी आया है। सात के पार्षद मुकेश वर्मा के मुताबिक सात दिन से पानी के लाले हैं। नौ के पुनीत शर्मा का कहना है कि चार दिन के बाद पानी आया है। आधे वार्ड में पानी आ रहा है और आधे में दिक्कत है। वार्ड नंबर 10 के पार्षद शशी इंद्र आहलुवालिया और वार्ड नंबर 11 के देवेंद्र ठाकुर ने पानी न होने की बात कही है। वार्ड नंबर पंद्रह के पार्षद सोना नाहर का कहना है कि पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।
30 फीसदी पानी नहीं
सोलन के सभी 15 वार्डों की कुल आबादी लगभग 40 हजार के करीब है। रोजाना शहर में 30 से 32 लाख गैलन पानी की जरूरत होती लेकिन आजकल 10 लाख गैलन पानी ही मिल पा रहा है। वार्डों में हर चार दिन बाद रोटेशन के आधार पर पानी देने में भी नप नाकाम साबित हो रहा है। शहर में जहां पानी की सप्लाई गिरि से नप के टैंक तक पहुंचाने का जिम्मा आईपीएच का है। पानी का वितरण नप करती है।
क्या कहते है लोग
बोतल बंद पानी से गुजारा
व्यवसायी नीरज वर्मा का कहना है कि पांच दिन से पानी की सप्लाई नहीं मिल रही। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बोतल बंद पानी का से गुजारा करना पड़ रहा है।
कपड़े धोना भी मुश्किल
गृहणी तृप्ता ने कहा कि पानी की सप्लाई नहीं आने से लोग बेहाल हैं। पीने के लिए तो कहीं से भी एक दो बोतल पानी का जुगाड़ कर लिया जाता है। लेकिन स्कूली बच्चों की ड्रेस धोने और अन्य जरूरतों के लिए पानी की समस्या से परेशानी होती है।
प्राकृतिक स्रोतों की गुणवत्ता हाशिये पर
गृहणी तृप्ता शर्मा ने कहा कि पांच दिन से पानी नहीं है। नल और टंकियां सूखी पड़ी हैं। ऐसे में पानी के लिए प्राकृतिक स्रोतों में इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। लेकिन उस पानी की गुणवत्ता का भी कोई पता नहीं है। उन्होंने पानी की समस्या को हल करने की मांग की है।
बंद करना पड़ा ढाबा
शकिला का कहना है कि वह ढाबा चलाती हैं। पानी के बिना उनका व्यवसाय बंद पड़ गया है। पानी की सप्लाई नहीं आने से दो दिनों से अपने होटल को बंद करके रखा है। इस कारण उन्हें कारोबार के रूप में नुकसान हो रहा है। उन्होंने समस्या को ठीक करने की मांग की है।
पानी की लिफ्टिंग सुधारे आईपीएच : अध्यक्ष
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि 25 जनवरी से अश्वनी से पानी की लिफ्टिंग बंद है। इसे बहाल नहीं किया जा सका है। इस वजह से पानी की कमी है। आईपीएच गिरि से पानी की लिफ्टिंग को मनमाने ढंग से करके सोलन शहर के साथ सौतेला व्यवहार कर रहा है। नप द्वारा कई बार पानी की लिफ्टिंग सुधारने की मांग की गई है। इसे विभाग ने दरकिनार किया है।
इन पर दें राय
- पानी की लिफ्टिंग आईपीएच करता है तो सप्लाई भी आईपीएच करे
- पानी की सप्लाई नगर परिषद करता है तो लिफ्टिंग भी नप के पास हो
गाद और बिजली की समस्या : चौहान
आईपीएच के एसडीओ सुभाष चौहान ने बताया कि पिछले दिन हुई बारिश के कारण गिरि में गाद आने से पानी सही लिफ्ट नहीं हो रहा है। गौड़ा में ट्रांसफार्मर में आई खराबी ने इस समस्या को और गहरा दिया है। पानी लिफ्ट नहीं हो सका। विभाग सभी समस्याओं का समाधान कर चुका है। शुक्रवार से पानी की सप्लाई बहाल करने की कोशिश की जाएगी।