शहर और आसपास के गांवों में पेयजल व्यवस्था की बदहाली को लेकर चली प्रदेश के नंबर वन अखबार ‘अमर उजाला’ की ग्राउंड रिपोर्ट अभियान की मुहिम रंग लाई है। नगर परिषद ने जिला प्रशासन से शहर के मुख्य पेयजल टैंकों के छतों की रिपेयर तथा फेंसिंग के लिए 24 लाख रुपये और सेकेंडरी टैंकों की रिपेयर को तीन लाख रुपये की मांग की है।
गैस क्लोरिनेशन के लिए हनीसुकर मशीन के लिए 20 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर डीसी सोलन को भेजा है। साथ ही सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी गिरि पेयजल योजना की आवश्यक रिपेयर के लिए एक करोड़ जबकि अश्वनी खड्ड योजना के लिए दो करोड़ रुपये की मांग की है ताकि सोलन शहर की पेयजल व्यवस्था को सुधारा जा सके। यह जानकारी पीलिया नियंत्रण के उपायों को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम संदीप नेगी ने दी।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके दरोच, नगर परिषद् के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी, परियोजना अधिकारी जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सुरेश सिंघा, सहायक अभियंता आईपीएच विभाग आशीष राणा तथा सोलन और धर्मपुर के खंड विकास अधिकारी मौजूद रहे।
5 से 20 मार्च तक चलेगा अभियान
सोलन नगर परिषद क्षेत्र के वार्डों तथा सोलन और धर्मपुर विकास खंड की पीलिया प्रभावित पंचायतों में 5 से 20 मार्च तक विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। कहा कि इस अवधि में इन क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति, नालियों की सफाई, कूड़ा प्रबंधन का निपटान तथा साफ-सफाई व्यवस्था पर जोर दिया जाएगा।
3 से एक लाख जीतने का मौका
20 मार्च के बाद विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम नगर परिषद् सोलन के वार्डों तथा सोलन और धर्मपुर विकास खंडों की चयनित पंचायतों का दौरा करके सफाई व्यवस्था जांचेंगी। इसमें पहले तीन स्थानों पर रहने वाले वार्डों और पंचायतों को पुरस्कृत किया जाएगा। इसमें तीन लाख, दो लाख तथा एक लाख रुपये के पुरस्कार रखे हैं। खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पंचायतों को 14वें वित्तायोग द्वारा आवंटित राशि का उपयोग ठोस कचरा प्रबंधन के तहत कूड़ा निष्पादन करवाने के लिए प्रोत्साहित करें। कहा कि स्वच्छता अभियान के तहत प्रत्येक पंचायत को सफाई के सभी पैमानों पर कार्य करने के निर्देश जारी करें।
पांच-पांच पानी के सैंपल रोज भरें
पीलिया से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों के तहत नगर परिषद, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा प्रतिदिन अलग-अलग वार्डों और स्थानों से पेयजल के पांच-पांच नमूने लिए जा रहे हैं। कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए पांच नमूनों को कंडाघाट प्रयोगशाला जबकि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा लिए गए पांच-पांच नमूनों को सिंचाई विभाग की प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। इससे हर रोज पानी की शुद्धता की जांच होगी।