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पेयजल में मिलाया था टमाटर में छिड़कने वाला घातक कीटनाशक

Sun, 02 Oct 2016 10:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, साोलन
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जिला के कक्कड़हट्टी स्कूल, शडियाना और जाड़ला गांव के पेयजल टैंकों से एकत्र पानी के नमूनों की फोरेंसिक रिपोर्ट में जहर (कीटनाशक) की पुष्टि हुई है। यह जहर टमाटर, शिमला मिर्च को कीड़ों से बचाने के लिए इस्मेताल होता है। इसके सेवन से आदमी की जान तक जा सकती है, लेकिन पानी में डालने से इसका असर कम हो जाता है। लिहाजा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शैतान का पानी में जहर मिलाने का मकसद दहशत फैलाना है।
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पुलिस शातिर के काफी करीब पहुंच चुकी है। विभाग की आपसी रंजिश भी जांच के पहलू का एक अहम हिस्सा है। बताया जा रहा है कि पुलिस को विभागीय रंजिश पर भी शक है, लिहाजा कुछ कर्मियों से पूछताछ हो चुकी है। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में हिस्ट्रीशीटर की चेकलिस्ट भी तैयार कर रही है। इसके अलावा पुलिस सबसे अहम मोबाइल टावर की लोकेशन पर भी काम कर रही है ताकि संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर जांच की जा सके।
 
एक सप्ताह में पेयजल टैंकों में जहर मिलाने का पांचवा मामला समाने आ चुका है। लिहाजा सोलन में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग अपने अपने घरों की टंकियों में पानी चेक करने के बाद ही उसका प्रयोग कर रहे हैं। वहीं आईपीएच विभाग पानी की सैंपलिंग रोजाना कर रहा है।
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पुलिस के निशाने पर कीटनाशक बेचने वाले भी हैं। सुबाथू में दो कारोबारियों के अलावा, गंभर पुल, कुनिहार और सोलन में विक्रेताओं पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा कीटनाशक की सेल रिकार्ड भी पुलिस खंगाल रही है, लेकिन इसमें कोई खास सफलता पुलिस के हाथ नहीं लगी है।

एसपी सोलन अंजुम आरा ने लोगों से अपील की कि संदिग्धों पर नजर रखे। पानी की टंकियों में लॉक लगाएं। साथ ही अगर कोई संदिग्ध दिखे तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। अगर जहर मिलाने वाले शातिर से संबंधी भी कोई जानकारी देता है तो उसका नाम गुप्त रखा जाएगा। सूचनाएं 01792-220567 या 100 नंबर पर दी जा सकती है। इसके अलावा ईमेल ह्यश्च-ह्यशद्य-द्धश्चञ्चठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर भी जानकारी शेयर की जा सकती है।
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