विकास की राह में आसमान की ऊंचाई छू रहे सोलन शहर का वार्ड नंबर तीन पानी, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। वार्ड में पानी की सप्लाई सालों से दुरुस्त नहीं हो सकी है। दशकों से चली आ रही पेयजल व्यवस्था में बदलाव नहीं किया है। लिहाजा आबादी बढ़ने बाद अब स्थिति यह है कि सर्दी हो या गर्मी हमेशा यहां पेयजल किल्लत रहती है।
लोगों ने आरोप लगाए गए कि कुछ कर्मचारी रसूखदारों के हाथों की कठपुतली बने हैं। मनमर्जी से पानी की सप्लाई दे रहे हैं और शिकायतें अनसुनी की जा रही हैं। दूसरी तरफ भाग्य रेखाएं कही जाने वाली सड़कें बदहाल हैं। स्वास्थ्य सुविधा के नाम से एक अदद डिस्पेंसरी या दवाओं के आउटलेट की दरकार है। स्वच्छता का दावा करने वाले शहर का यह वार्ड सीवरेज से भी अछूता है।
सीवरेज से जोड़ने की तमाम कवायदें विफल हो रही हैं। बिजली बोर्ड के बिल तब पहुंचते हैं जब महीने के चंद दिन बचे होते हैं। आनलाइन बिजली के बिल महज दिखावा है। लोगों को बिजली के बिल जमा करवाने में मशक्कत होती है। लोगों ने नगर परिषद, प्रशासन और संबंधित विभागों में समन्वय बेहतर करके वार्ड स्तर पर मूलभूत सुविधाओं का निराकरण करने की मांग की है।
क्या कहते हैं लोग
प्राथमिक उपचार के
लिए हो स्वास्थ्य केंद्र
रजनी सेठी ने कहा कि वार्ड में स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। प्राथमिक उपचार के लिए लोगों को दिक्कत होती है। एनएच से जुड़ा होने के कारण हादसों का खतरा बना रहता है। यदि यहां स्वास्थ्य सुविधा मिल जाए तो लोगों की समस्या का निदान होगा।
पानी की सप्लाई में अनियमितता
गृहणी पूजा ने कहा कि पानी के वितरण में अनियमितता बरती जा रही है। पाइप लाइन करीब 20 से 25 साल पुरानी है, और उस समय यहां पर लोगों की संख्या भी कम थी लेकिन अब के समय की संख्या के हिसाब से व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं रेगुलर कीमैन को भी समय समय पर बदला जाना चाहिए। दो दिन रेगुलर सप्लाई का प्रावधान न हो।
बिजली बिल जमा करवाने में परेशानी
केआर कमल ने कहा कि ऑनलाइन बिजली के बिल जमा करवाने में काफी परेशानी हो रही है। ऑनलाइन बिल समय पर वेबसाइट पर लोड नहीं होते। लोगों को पेनेल्टी देनी पड़ रही है। समय पर बिल न आने से कार्यालय में बिल जमा करवाने के लिए घंटो लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है।
डस्टबिन की संख्या बढ़ाएं
ओंकार दत्ता ने कहा कि वार्ड में नगर परिषद डस्टबिन और डंप्पर की संख्या में इजाफा नहीं कर सकी है। जो डस्टबीन लगे हैं, उनकी हालत खराब है। डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन का कोई प्रावधान नहीं हो सका है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डोर टू डोर गारबेज के लिए लोग हर सहायता देने को राजी हैं।
सेप्टिक टैंक को साफ करवाने में परेशानी
सुमन ने कहा ड्रेनेज व घरों में सेप्टिक टैंक की सफाई कराने के लिए कोई भी सुविधा नहीं है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साफ सफाई करवाने की प्रक्रिया का भी लोगों को पता होना चाहिए। यह सुविधा न होने से लोगों को भारी दिक्कत हो रही है।
नशेड़ियों पर लगाई जाए रोक
सोनू ठाकुर ने कहा कि वार्ड में नशेड़ियों ने जगह-जगह अपने अड्डे बनाए हुए हैं। इनसे राहगिरों को परेशानी होती है। महिलाओं को अधिक समस्या झेलनी पड़ती हैं। वार्ड की छवि भी इससे खराब होती जा रही है। उन्होंने पुलिस की रूटीन गश्त की मांग की है।
जगह-जगह बना पाइपों का जाल
सूरज गुप्ता ने कहा कि मुख्य पाइप लाइन से दिए पानी के कनेक्शनों के पास जगह-जगह पाइपों का जाल बिछा हुआ है। इस कारण आगे के कनेक्शनों में पानी की सप्लाई कम होती है। पाइप लाइन ओपन होने से और जगह-जगह पाइपों के जाल बनने से लोगों के गिरने का खतरा बना रहता है और मार्ग भी संकीर्ण हो गए हैं।
सीवरेज की कोई व्यवस्था नहीं
रीता शर्मा ने कहा कि वार्ड में कोई भी सीवरेज की सुविधा नहीं है। वार्ड भी काफी फैल चुका है लेकिन अभी तक सीवरेज को जोड़ने के लिए किसी तरह का कोई सर्वे आईपीएच विभाग और नप की तरफ से नहीं किया गया है।
समस्याएं
01- वार्ड 3 में जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से वार्डों में गंदगी आलम है। बारिश के बाद नालियों में पानी भर जाता है।
02- पार्किंग का प्रावधान सही नहीं है। जहां है भी वहां लोगों ने कब्जा करके अपनी गाड़ियां कई सालों से खड़ी कर रखी हैं।
03- कीमैन पानी की सप्लाई में अनियमितता बरत रहे हैं। कुछ जगह पानी की भरपूर सप्लाई दी जा रही है, तो कहीं पानी की सप्लाई न के बराबर है।
04- वार्ड नंबर 3 में बने मुख्य टैंक में तीन इंच और आगे एक इंच की सप्लाई है। इससे पेयजल किल्लत बनी हुई है। मुख्य टैंक से 4 और आगे 3 इंच की सप्लाई चाहिए।
05- पर्याप्त पथ प्रकाश की सुविधा न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 10 स्ट्रीट लाइटें चिन्हित करने की भी मांग उठाई गई।
06- गलियों में अतिक्रमण और निर्धारित सैटबेक न छोड़ने से ड्रेनेज आदि की योजनाएं हांफ रही हैं। अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई गई।
07- कुछ चिन्हित स्थानों पर सीवरेज का पानी पहुंच रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
08- कथेड़ बाईपास स्थित सब्जी मंडी के आस पास शौचालय की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। सेब सीजन के दौरान हजारों ट्रक यहां खड़े रहते हैं। खुले में शौच करके नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि शहर में अभी एक ही सीवरेज प्लांट है। शेष प्रस्तावित है। तब तक सीवरेज की व्यवस्था मुश्किल है। साफ सफाई के लिए अतिरिक्त डस्टबिन दिए जाएंगे डंपर भी लगवाए जाएंगे। डिस्पेंसरी के लिए स्वास्थ्य विभाग से बात होगी। हर कार्य में लोगों की सहभागिता चाहिए। बिजली बोर्ड के जेई देशराज पठानिया ने बताया ऑनलाइन बिलिंग में समय लगेगा। तब तक उपभोक्ताओं को काउंटर में बिल देना होगा। अतिरिक्त काउंटर लगाया गया है। बिल समय पर देने के प्रयास होंगे।
नप जेई बीएस ठाकुर ने कहा कि शहर में अभी गिरी से ही पानी मिल रहा है जो पर्याप्त नहीं है। इसके चलते दो दिन वार्ड को पानी देना मुमकिन नहीं है। बाद में व्यवस्था सुचारु होगी। गुरुकुल स्कूल की प्राचार्य गुरप्रीत माथुर ने डिस्पेंसरी के लिए स्कूल का कमरा देने की पेशकश रखी। पार्षद पार्वती तनवर ने सभी मुद्दों को हाउस में रखकर निराकरण के प्रयास की बात कही।