वाकनाघाट-सुबाथू को वैकल्पिक मार्ग के रूप में तैयार किया जाएगा। यह घोषणा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कसौली विधानसभा क्षेत्र के देलगी में आयोजित दो दिवसीय माता मंगला मेले के समापन समारोह में की।
उन्होंने कहा कि कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग किन्नौर जिले तक पहुंचने का मुख्य साधन है। दिनप्रतिदिन बढ़ते यातायात दबाव के चलते अब इसका विकल्प मार्ग तैयार करने की जरूरत है। फोरलेन के कार्य के कारण शिमला तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्तमान में दबाव पड़ना तय है। सुबाथू-वाकनाघाट मार्ग को वैकल्पिक सड़क के रूप में तैयार करने से जहां क्षेत्रवासियों को सुविधा मिलेगी वहीं किसान और बागवान भी लाभान्वित होंगे। किसानों और बागवानों को अपने उत्पाद चंडीगढ़ तक पहुंचाना आसान होंगे। यह मार्ग आने वाले समय में सामरिक रूप से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा।
उन्होंने रूग और खैरी में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 4.50-4.50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। लोगों से आह्वान किया कि विकास योजनाओं के लिए स्वेच्छा से भूमि उपलब्ध करवाएं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देलगी में चार अतिरिक्त कमरों का निर्माण करवाने का आश्वासन भी दिया। जिला परिषद अध्यक्ष धर्मपाल चौहान ने कहा कि सभी क्षेत्रों का समान विकास करवाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव विनोद सुल्तानपुरी, देलगी पंचायत के पूर्व प्रधान सालीग्राम, उपप्रधान संजीव ठाकुर, एसडीएम कंडाघाट नीलम दुलटा, बीडीओ ललित दुलटा, पंचायत देलगी के प्रधान परसराम, पंचायत पौधना के प्रधान संजीव ठाकुर, पंस सदस्य चंदन महंत, अजय वर्मा तथा अभिषेक ठाकुर, प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव हेमेंद्र ठाकुर, खंड कांग्रेस समिति कसौली के अध्यक्ष रोशन लाल ठाकुर और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ज्ञान ठाकुर मौजूद रहे।
विकल्प मार्ग बनने से यह होगा फायदा
यदि वाकनाघाट-सुबाथू को वैकल्पिक मार्ग के रूप में तैयार किया जाता है तो इससे हजारों लोगों, सैलानियों और बागवानों को फायदा होगा। सुबाथू से वाकनाघाट शार्टकट होने से लोगों का समय भी बचेगा। लोगों को शिमला से सुबाथू, धर्मपुर या बरोटीवाला जाना है तो वह वाकनाघाट से होकर छावशा-भारती स्टेशन तक आ सकते हैं। इसके बाद भारती स्टेशन से वह गंभर, कुनिहार मार्ग के लिए भी जा सकते हैं। भारती से देलगी होते हुए सुबाथू तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद सुबाथू स्टेशन से वह धर्मपुर होकर कालका सहित अन्य क्षेत्रों के लिए जा सकते हैं। सुबाथू से कुठाड़, हरीपुर होते हुए बरोटीवाला को निकल सकते हैं।
14 किमी तक घट जाएगा रास्ता
यदि सुबाथू से सोलन होते हुए वाकनाघाट जाना हो तो करीब 54 किमी का सफर तय करना पड़ता है। इसमें सोलन शहर से गुजरने पर समय भी ज्यादा लगता है। दूसरी ओर अगर सुबाथू-वाकनाघाट मार्ग से जाना हो तो दूरी 35 से 40 किमी की होगी। इसमें समय की भी बचत होगी। इसके अलावा इस मार्ग से शिमला के बागवानों को अपने उत्पाद चंडीगढ़ ले जाने के लिए भी एक शार्टकट रास्ता मिलेगा तथा सोलन शहर के जाम से भी निजात मिलेगी।a