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यहां प्रतिबंधित पालीथिन में पैक हो रहीं सब्जियां

Tue, 19 Apr 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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सब्जी मंडी सोलन में बाहरी राज्यों से सब्जियां और फ्रूट पालीथिन के लिफाफों में आ रहे हैं।
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सब्जी मंडी सोलन में बाहरी राज्यों से सब्जियां और फ्रूट पालीथिन के लिफाफों में आ रहे हैं। हैरत की बात है कि पालीथिन के इस्तेमाल पर प्रदेश में पाबंदी है लेकिन सोलन सब्जी मंडी में इन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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सब्जी मंडी में पल्लेदार काम को तेजी से निपटा रहा है। पूछने पर बताता है कि यह कोई नई बात नहीं। रोज सब्जी और फ्रूट आदि सामान इन्हीं  बैगों में आता है। बाद में खाली पालीथिन को डस्टबिन या कचरे में फेंक देते हैं। इसके बाद पता नहीं क्या होता है!

यहां हर रोज यही सब होता है। यह रूटीन का काम है, किसे पता कि पालीथिन पर पाबंदी है। यह देखना का अफसरों का काम है। प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी में कायदे कानून हवा होते देखे जा सकते हैं। रोकने वाला कोई नहीं।
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 शहर में भी कई जगहों पर प्रतिबंधित पालीथिन का इस्तेमाल हो रहा है। सन्नी साइड, माल रोड, लक्कड़ बाजार और चौक बाजार में पालीथिन का प्रयोग किया जा रहा है। खासकर फास्ट फूड, रेहड़ी और खाद्य सामग्री बेचने वाले इसका सरेआम इस्तेमाल करते हैं।

1 जुलाई 2014 को लगा था प्रतिबंध
प्लास्टिक मुक्त प्रदेश बनाने के लिए एक जुलाई 2014 को पालीथिन पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रतिबंध के मुताबिक प्लास्टिक बैग और प्लास्टिक के अन्य किसी भी प्रकार की पैकिंग प्रतिबंधित है। लेकिन दुकानों के अंदर बाहर चिप्स, कुरकुरे के पैकेट सरेआम लटके देखे जा सकते हैं।

स्टेशनरी, रेडिमेड का सामान भी उसी तरह से प्लास्टिक में बिका है। जिला के अर्की, कुनिहार, दाड़लाघाट, कंडाघाट, चायल, धर्मपुर, कुमारहट्टी, परवाणू, कसौली और पूरे बीबीएन क्षेत्र में सभी छोटी बड़ी दुकानों पर प्लास्टिक में सामान पैक होकर बिक रहा है।

संडे मंडी में सजता है पालीथिन
पुराने बस अड्डे के पास लगने वाली संडे सब्जी मंडी में सरेआम पॉलीथिन का इस्तेमाल होता है। सब्जियां और फ्रूट प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग में यहां पहुंचता है। कोई रोकटोक न होने से सरेआम पालीथिन का प्रयोग बढ़ता जा रहा है।

कसा जाएगा शिकंजा : काप्टा  
एसडीएम एकता काप्टा ने कहा कि पालीथिन के इस्तेमाल पर शिकंजा कसा जाएगा। विभिन्न विभाग समय-समय पर कार्रवाई करते रहते हैं। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

इन विभागों को भी चालान की शक्तियां
जिला प्रशासन, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड, पुलिस विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग और नगर परिषद समेत कई विभागों को पालीथिन पर शिकंजा कसने की शक्तियां दी हैं। लेकिन इन शक्तियों का इस्तेमाल कम ही देखने को मिल रहा है। पालीथिन का इस्तेमाल करने वालों को इससे शह मिल रही है।
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