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Solan News: महापौर के पति का कार्य में दखल करने पर बैठक में हंगामा, तीन पार्षद निलंबित

Wed, 29 Mar 2023 05:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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नगर निगम जरनल हाउस में विरोध करते पार्षद। संवाद
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कांग्रेसी पार्षदों को ही कर दिया महापौर ने सदन से बाहर।
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ढाई माह पहले हुए हाउस में तीनों ही पार्षदों ने रोक दिया था बजट
भाजपा पार्षद भी बैठक में उलझे, बैठक में हुई तनातनी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नगर निगम की आम बैठक में तीन कांग्रेसी पार्षदों ने महापौर के पति का कार्य में दखल करने पर बैठक में हंगामा कर दिया। इस दौरान तीनों पार्षदों ने आरोप लगाए कि जब हमारे पति कार्य को लेकर निगम आते हैं तो महापौर उनके न आने के फरमान जारी कर देती हैं। नसीहत देती हैं। लेकिन महापौर के पति दिनभर निगम कार्यालय में बैठे रहते हैं। उनके लिए किसी भी प्रकार का फरमान मायने नहीं रखता।
पार्षदों ने कहा कि वहीं कोई व्यक्ति किसी कार्य को लेकर महापौर से मिलना चाहे तो पहले उनके पति आगे आते हैं। तीनों पार्षदों ने बैठक में जैसे ही इसका विरोध किया तो महापौर भी उनसे उलझ गईं। कुछ देरतक जमकर बहस हुई। इसी बीच तीनों पार्षदों का भाजपा पार्षदों ने भी समर्थन किया। करीब आधा घंटा तक माहौल पूरी तरह से गर्म रहा। इसी बीच नगर निगम कार्यकारी आयुक्त ने मामला शांत करवाने का प्रयास किया। लेकिन पार्षद शांत नहीं हुए। ऐसे में महापौर ने तीनों कांग्रेस पार्षदों को बैठक से निलंबित कर दिया। साथ ही कह दिया कि अगर ये बैठक से बाहर नहीं जाते हैं तो बैठक स्थगित कर दी जाएगी। इसके बाद तीनों पार्षद बाहर चली गईं।
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ढाई माह बाद बुधवार को निगम की आम सभा की बैठक हुई। बैठक के शुरू होने के साथ ही कांग्रेस की वार्ड चार की पार्षद संगीता, सात से पूजा और वार्ड-11 से पार्षद ईशा पराशर ने अपनी ही पार्टी के महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तीनों ने यहां तक कह दिया कि महापौर 20 वर्षों से पार्षद हैं। लेकिन आज तक इन्हें काम करना नहीं आया जो यह पति को साथ लेकर आती हैं। इसके बाद तीनों ही बैठक छोड़कर चली गई। हालांकि तीनों ने बैठक के दौरान जमकर भड़ास निकाली। वार्ड चार की पार्षद संगीता ने कहा कि महापौर आम बैठक क्यों बुलाती हैं जब उन्हें कोई बात सुननी ही नहीं होती है। वहीं वार्ड सात से पूजा ने कहा कि महापौर अपनी मनमानी कर रही हैं। जब हमारे पति कार्य के लिए निगम आते हैं तो इन्हें नियम याद आ जाते हैं। लेकिन खुद के पति आते हैं तो कोई नियम ध्यान नहीं रहता। वार्ड-11 से पार्षद ईशा पराशर ने कहा कि मेयर ने पिछली बैठक की सही जानकारी नहीं दी और बार-बार बैठक की तिथि को बदला। कार्य के चलते बैठक में न आ सके तो विकास कार्यों का बजट ही रोक दिया। इससे काम करवाना काफी मुश्किल हो रहा है।

इनसेट
पति राजनीतिक सलाहकार तो समय हो निर्धारित
कांग्रेस की तीनों पार्षदों ने कहा कि महापौर कहती हैं कि उनके पति राजनीतिक सलाहकार हैं। अगर उनका पति कानूनी सलाहकार है तो वह अपने पति का आने का समय भी निर्धारित करें और सारा दिन कार्यालय में न बैठाएं। शहर की जनता भी इस बात से परेशान है और लोगों को काम करवाने में काफी समस्या आती है।

इनसेट
तीनों पार्षद महापौर के खिलाफ लाई थीं अविश्वास प्रस्ताव
बता दें कि कांग्रेस की तीनों पार्षद भाजपा के साथ मिलकर महापौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई थीं। इसका खामियाजा अब तीनों पार्षदों को भुगतना पड़ रहा है। पिछली बैठक से नदारद रहने पर इनका विकास कार्यों का पैसा रोक दिया और अब बैठक से भी उन्हें जाने के लिए कह दिया गया।
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इनसेट
बजट न देने पर भी उखड़ी थीं पार्षद
ढाई माह पहले हुई बैठक में यह तीनों पार्षद नदारद थीं, जिसके बाद महापौर ने सदन में तीनों पार्षदों के 20-20 लाख रुपये के विकास कार्यों का बजट रोक दिया था। बुधवार को हुई बैठक में इस पर भी विरोध जताया गया। पार्षदों ने कहा कि महापौर विकास कार्यों का बजट रोकने का हक नहीं है। सरकार बजट देती है। बिना बजट के वह विकास कार्य कैसे करवा पाएंगे।

नगर निगम जरनल हाउस में विरोध करते पार्षद। संवाद

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