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Solan News: कूड़ा शुल्क बढ़ाने के विरोध में एक सुर, श्रेय के लिए भाजपा-कांग्रेस पार्षदों का हंगामा

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नगर निगम की आम सभा में भाजपा और कांग्रेस पार्षद के बीच गहमागहमी । संवाद
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नगर निगम की बैठक में पूर्व डिप्टी मेयर और भाजपा पार्षद में बहसबाजी
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दुकानों के किराये और सलोगड़ा कूड़ा संयंत्र को लेकर भी उलझे

कूड़ा संयंत्र के टेंडर को आगे बढ़ाने के लिए भाजपा पार्षद नहीं हुए सहमत

नगर निगम महापौर की अध्यक्षता में छह माह बाद हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। छह माह बाद महापौर ऊषा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित नगर निगम सोलन की बैठक में शहर में कूड़ा शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव पर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच जमकर गहमा-गहमी हुई। दिलचस्प ये रहा कि दोनों दल कूड़ा दरें बढ़ाने का विरोध कर रहे थे, लेकिन विरोध करने का श्रेय लेने की होड़ में एक-दूसरे से उलझते नजर आए। करीब 10 मिनट तक सदन में यह बहस चलती रही कि प्रस्ताव किसके कहने पर लाया गया है।
बाद में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव हाईकोर्ट के आदेशों के तहत लाया था और सहमति से ही इसे बढ़ाया जाना था। अधिकारियों ने ये भी तर्क दिया कि प्रदेश के अन्य नगर निगमों में कूड़ा शुल्क 100 रुपये तक वसूला जा रहा है, जबकि सोलन में यह 50 रुपये है। अब इसे 70 रुपये किया जाना प्रस्तावित था। इसके बावजूद सभी पार्षदों ने शुल्क बढ़ाने से इंकार कर दिया।
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दुकानों के बढ़े किराये का भी विरोध
बैठक में नगर निगम की निर्मित दुकानों के बढ़ाए किराये को लेकर भी चर्चा हुई। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने एक स्वर में इसका विरोध किया। पार्षदों का कहना था कि एग्रीमेंट के अनुसार हर तीन साल बाद 10 प्रतिशत किराया बढ़ाया जाना था। इसे समय पर लागू नहीं किया गया। अब एक साथ कई गुना किराया बढ़ाना उचित नहीं है। कई दुकानों की आमदनी प्रस्तावित किराये के बराबर भी नहीं है। इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि एक कमेटी गठित कर दोबारा सर्वे किया जाएगा।
इसी दौरान दुकानदारों का प्रतिनिधिमंडल बैठक में पहुंच गया। प्रतिनिधिमंडल को अंदर बुलाने को लेकर भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता और पूर्व उपमहापौर राजीव कौड़ा के बीच तीखी नोकझोंक हुई। बाद में सभी दुकानदारों को सदन में बुलाया गया। महापौर ऊषा शर्मा ने आश्वासन दिया कि नए सिरे से सर्वे कर प्रत्येक दुकान का किराया तय किया जाएगा। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र सलोगड़ा में सड़क और रिटेनिंग दीवार निर्माण के लिए 2.80 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। साथ ही उपायुक्त सोलन को नगर हॉल के ऑडिटोरियम के लिए 2.50 लाख रुपये देने का निर्णय लिया गया। बैठक में नगर निगम आयुक्त एकता काप्टा, डिप्टी मेयर मीरा आनंद और सहायक आयुक्त चेतन चौहान उपस्थित रहे।
कूड़ा संयंत्र के ठेके की अवधि बढ़ाने पर नहीं बनी सहमति
बैठक में सलोगड़ा कूड़ा संयंत्र में ठेकेदार की समयावधि बढ़ाने का प्रस्ताव भी लाया गया। भाजपा पार्षद शैलेंद्र गुप्ता ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि 11 अगस्त 2021 को प्रकाशित पहले टेंडर में अवधि मात्र छह माह तय थी। इसके बावजूद अत्यधिक महंगे दरों पर टेंडर अवाॅर्ड किया गया। लीगेसी वेस्ट के लिए 870 रुपये प्रति टन और फ्रेश वेस्ट के लिए 1962 रुपये प्रति टन की दरें तय की गई थीं। ठेकेदार ने दो वर्षों में सारा लीगेसी वेस्ट उठाने का आश्वासन दिया था, लेकिन लगभग पांच वर्ष बाद भी आधा कूड़ा नहीं उठ पाया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद पार्षद शांत हुए।
डिप्टी मेयर बोलीं- मुझे जानकारी नहीं जबकि मैं चेयरमैन हूं
डिप्टी मेयर मीरा आनंद ने आजीविका परिसर की ऊपरी मंजिल के शटर खोलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वे कमेटी की चेयरमैन हैं। इसके बावजूद फिर भी उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि शटर खोलने की मंजूरी किसने दी। साथ ही ठेकेदारों को समय पर भुगतान होने के बावजूद उनके वार्ड में टेंडर न लग पाने का मुद्दा उठाया। इस पर आयुक्त ने बताया कि इस बार 6.76 करोड़ रुपये की पेमेंट की गई है।
पार्षदों ने ये मुद्दे उठाए
वार्ड 1 के पार्षद मनीष कुमार ने कहा कि निगम के किसी भी स्ट्रक्चर में खामियां पाए जाने पर तकनीकी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। पार्षदों को जिम्मेदार न ठहराया जाए। इस पर सदन ने सहमति जताई। उन्होंने संपत्ति बिक्री के लिए एनओसी के स्थान पर जारी किए जा रहे नो ड्यू प्रमाणपत्र का मुद्दा भी उठाया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध भवनों को यह प्रमाणपत्र जारी नहीं होंगे।
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नालों के तटीकरण के लिए स्वीकृत राशि पर विवाद
पिछली बैठक में नालों के तटीकरण के लिए सभी वार्डों को 35-35 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। वार्ड-17 के पार्षद सरदार सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्होंने पहले ही करीब 2 करोड़ रुपये की डीपीआर दी है, इसलिए उनके वार्ड में यह राशि खर्च की जाए। अन्य पार्षदों ने इसका विरोध किया, जिससे इस मुद्दे पर भी सहमति नहीं बन सकी।

नगर निगम की आम सभा में भाजपा और कांग्रेस पार्षद के बीच गहमागहमी । संवाद

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