सोलन। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद मल्होत्रा की अदालत ने प्रताप सिंह निवासी शिमला को मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में दोषी करार देते हुए 2 वर्ष का कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
मामले की पेरवी कर रहे जिला न्यायवादी महेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि 6 मई 2016 को कंडाघाट पुलिस ने नाके के दौरान साधुपुल के नजदीक एक कार को तलाशी के लिए रोका गया था। कार को प्रताप सिंह निवासी शिमला चला रहा था इस कार में कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे जिन्होंने गाड़ी में लिफ्ट ली हुई थी गाड़ी की तलाशी लेने पर इसके अंदर से 5 किलो 900 ग्राम चूरा पोस्त बरामद हुआ था। पुलिस ने इसे कब्जे में लेकर मामले में एफआईआर दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामले का चालान अदालत में पेश किया और अदालत ने सुनवाई के दौरान प्रताप सिंह को इस मामले में दोषी करार देते हुए उसे दो वर्ष के कारावास व 20, 000 जुर्माना की सजा सुनाई है।