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Solan News: दो और स्क्रब टायफस से पीड़ित, सभी अस्पतालों में संदिग्ध रोगियों के होंगे टेस्ट

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जिले में रोगियों के बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क
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जिले में अब तक 32 लोग आ चुके चपेट में
सोलन में आया है एक मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शुष्क मौसम के चलते स्क्रब टायफस के मामले बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। विभाग ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों को संदिग्ध रोगियों के सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को ओपीडी में बुखार की शिकायत लेकर आए दो रोगियों के स्क्रब टायफस से संबंधित टेस्ट किए गए, जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद विभाग ने सभी बुखारग्रस्त रोगियों के स्क्रब से संबंधित टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं।
दो दिन पहले जिला मुख्यालय सोलन में 14 वर्षीय किशोर समेत एक अन्य रोगी स्क्रब टायफस से संक्रमित पाया गया। जनवरी से अब तक जिले में स्क्रब टायफस के 32 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश रोगी उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। इन दिनों खेत खाली करने और घास कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में स्क्रब टायफस के संक्रमण की आशंका बढ़ गई है।
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अस्पतालों में तेज बुखार और शरीर दर्द से पीड़ित लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। संदिग्ध रोगियों की लैब में टेस्टिंग लगातार जारी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि शरीर पर दाग या बुखार आने पर चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें।
स्क्रब टायफस के लक्षण
स्क्रब टायफस आरेशिया सुशुमुशी वायरस के काटने से होता है। यह घास में पाया जाता है। स्क्रब टायफस की चपेट में 25 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के लोग अधिक आते हैं। स्क्रब टायफस में 104 से 105 डिग्री तक बुखार हो सकता है। जोड़ों में दर्द और कंपकपी के साथ बुखार का आना, शरीर में अकड़न या शरीर का टूटा हुआ लगना इसके लक्षण हैं। अधिक संक्रमण होने पर गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां हो सकती हैं। काले रंग के चकत्ते बनते हैं।
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बचाव के उपाय
- आसपास पानी इकट्ठा न होने दें।
- हमेशा साफ और पूरे शरीर पर कपड़े पहनें।
- घर के आसपास घास या झाड़ियां न उगने दें।
- खेतों में काम करते समय हाथ और पैरों को अच्छे से ढक कर रखें।
-पालतू जानवरों की सफाई रखें, खेतों में जाने के बाद उन्हें दोबारा साफ करें।
सुरक्षा के तहत सभी अस्पतालों में बुखार, गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां समेत अन्य लक्षण के रोगियों की स्क्रब जांच करने को कहा है। शुष्क मौसम होने से अभी स्क्रब टायफस बढ़ सकता है। हालांकि बारिश के बाद इसके मामले आने कम हो जाते है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वह डॉक्टरों की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करें।
-डॉ. अमित रजन तलवाड़, जिला स्वास्थ्य अधिकारी
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