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Solan News: क्षय रोगी को दवा के सेवन के बाद देनी होगी सेहत की जानकारी

Sun, 01 Sep 2024 11:38 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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छह माह तक रोजाना दवा खाने के बाद करनी होगी कॉल
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आशा और हेल्थ केयर वर्कर के पास बतानी होगी स्थिति
प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए युद्ध स्तर पर चल रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले में क्षय रोगियों को दवा के सेवन के बाद महकमे को स्वास्थ्य की जानकारी भी देनी होगी। विभाग की ओर से यह कदम स्थिति को सुधारने के लिए लिया गया है। वहीं, दवा कोई विपरीत असर न करे इसका भी समय से पता लगाना है। इससे पहले केवल दवा के सेवन को लेकर ही फोन किया जाता था। लेकिन अब स्वास्थ्य महकमा छह माह तक रोजाना मरीज के स्वास्थ्य की अपडेट लेगा। दवा के सेवन से स्वास्थ्य की स्थिति कितने दिन में सुधरती है इसका डाटा भी तैयार करेगा। इसमें आशा और हेल्थ केयर वर्कर की सहायता ली जाएगी। मरीज को कॉल के माध्यम से डाटा शेयर करना होगा।
इसके लिए मरीज को पंजीकृत मोबाइल से कॉल करनी होगी। इसके बाद आशा और हेल्थ केयर वर्कर अपने क्षेत्र के मरीज से संपर्क करेंगे और मरीज का हाल जानेंगे। विभाग ने दवा पर नंबरों को भी अंकित कर दिया है और इसका वितरण भी किया जा चुका है। टीबी रोगी को छह माह तक इसी प्रकार से सूचना देनी होगी। अभी तक आशा वर्कर के पास मात्र मिस्ड कॉल होती थी जिससे यह पता चल जाता था कि मरीज ने दवा का सेवन कर लिया है। लेकिन अब नई व्यवस्था को लागू किया गया है। अगर किसी रोगी को कोई दिक्कत आती है तो वह आशा वर्कर की सहायता भी ले सकता है, जिससे दूरदराज क्षेत्र के मरीजों को अस्पतालों के धक्के खाने पर भी मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
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गौर रहे कि टीबी मुक्त हिमाचल बनाने के लिए प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग तेजी से कार्य कर रहा है। युद्ध स्तर पर टीबी मरीजों का पता लगाया जा रहा है। दवा विक्रेताओं को भी शामिल किया गया है। यदि कोई व्यक्ति खांसी की दवा लेता है तो उसे भी अब नंबर दवा विक्रेता के पास देना अनिवार्य कर दिया है। यह डाटा विक्रेताओं से विभाग के पास पहुंचेगा।
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इनसेट
जिले में आशा वर्कर गांव-गांव में जाकर टीबी मरीजों का पता लगा रही हैं। टीबी मरीजों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए आशा वर्कर के नंबर दवा पर अंकित कर दिए गए हैं। आशा वर्कर इसके बारे में मरीजों को प्रेरित कर रही हैं। आशा और हेल्थ केयर वर्करों की सहायता से टीबी मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी भी ली जा रही है।
-डॉ. एके सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्वास्थ्य)
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