कराड़ाघाट-कशलोग सड़क पर पाटी गांव के पास भारी क्रेन के सड़क में धंसने से यातायात बाधित रहा। लगभग सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भारी भरकम इस मशीन को निकालने के बाद लोगों को राहत मिली। इस बीच सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी पूरी तरह से बाधित रही। इस कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
दोपहर के समय दाड़लाघाट और शिमला से चंडी कश्लोग की तरफ जाने वाली निजी तथा सरकारी बसें भी सड़क बंद होने से देर रात तक अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई। हालांकि कंपनी ने खदानों में कार्यरत अपने कर्मचारियों के लिए पाटी गांव जहां ये मशीन फंसी थी के दोनों तरफ गाड़ियां लगाकर उन्हें दफ्तर तक पहुंचाया। लेकिन स्थानीय लोगों को पजिना, खाली, रुडाल, चंडी गांवों तक पहुंचने के लिए 6 से सात किलोमीटर तक का पैदल सफर करना पड़ा।
बीडीसी सदस्य पवन ठाकुर, कशलोग पंचायत के पूर्व प्रधान बलदेव राज, अशोक कुमार, विजय शर्मा और नागेश शर्मा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग कराड़ाघाट-चंडी-कशलोग सड़क की लंबाई 10 किलोमीटर है। सड़क बहुत तंग है। ऊपर से इस पर क्षमता से अधिक भारी भरकम मशीनें कंपनी बिना विभाग की अनुमति के चला रहा है। इस वजह से सड़क क्षतिग्रस्त हो जाती है। भारी मशीनरी चलने से इस सड़क की हालत खस्ता हो चुकी है और सड़क जगह-जगह से धंस गई है।
इस कारण अक्सर हादसों की आशंका रहती है। सड़क की खस्ता हालत की वजह से कई हादसे हो चुकें हैं। लोगों ने विभाग से इस सड़क की हालत सुधारने और बाइंडिंग कर इसकी क्षमता बढ़ाने की मांग की है।