सोलन। साधुपुल से बहने वाली अश्वनी खड्ड पर धारा 144 के बीच पर्यटक खड्ड के समीप नालों में पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को अश्वनी खड्ड के समीप झरने पर सुबह से ही पर्यटकों का जमघट लगा रहा। इस दौरान सैकड़ों पर्यटकों ने दोपहर बाद तक झरने तक आवाजाही की। पर्यटक यहां बहने वाले नाले में गंदगी फैला रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक यहां सरेआम जाम भी छलकाए जा रहे हैं। शराब और बीयर की बोतलों का कचरा यहीं फेंका जा रहा है। यही नाला अश्विनी खड्ड में जाकर मिलता है जिससे सोलन शहर को पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
कोल्ड ड्रिंक की खाली बोतलें और चिप्स के रैपर नाले के किनारे जमा हो रहे हैं। यहां शौचालय की सुविधा नहीं होने पर पानी दूषित हो रहा है। यह स्थान अश्वनी खड्ड पेयजल योजना के साथ कुछ ही दूरी पर सटा है। पर्यटकों की वजह से यह पेयजल योजना भी दूषित हो रही है जिस कारण सोलन शहर में पीलिया जैसे जल जनित रोग फैलने का खतरा है।
कोविड के बीच प्रदेश में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों से पर्यटक पहाड़ का रुख कर रहे हैं। इससे पहले पर्यटक साधुपुल स्थित अश्वनी खड्ड में पर्यटक गंदगी फैला रहे थे। अब उपायुक्त सोलन ने यहां पर धारा 144 लगा दी है। अब अश्वनी खड्ड हेरिटेज पार्क में घूमने के लिए पहुंच रहे पर्यटक यहां सटे झरने तक पहुंच रहे हैं। पर्यटक परिवार खड्ड में कई घंटे तक बैठे रहते हैं। नमकीन और कुरकुरे के पैकेट खड्ड में ही फेंक देते हैं।
वहीं, उपायुक्त कृतिका कुल्हारी का कहना है कि जल स्रोतों को बचाने के लिए क्षेत्र में धारा 144 लगाई गई है। पुलिस को यहां उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।