कई जगहों में छह तो कहीं नौ दिन बाद भी सप्लाई नहीं
शहर में दो योजनाओं से आया मात्र 44 लाख लीटर पानी
गाद के चलते अश्वनी पेयजल योजना से नहीं हो रही लिफ्टिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में पानी की सप्लाई न होने से रोजमर्रा कार्यों के लिए तो दूर अब घरों में पीने तक का पानी नहीं बच रहा है। लोग अधिक पैसे में टैंकर मंगवाकर पानी भर रहे हैं और गुजारा कर रहे हैं। शहर में हालात यह है कि कई जगहों में छह और कहीं तो नौ दिन बाद भी पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। आगामी दिनों में भी यही हाल रहा तो लोगों को और परेशानी से जूझना पड़ेगा। रविवार को सुबह तक नगर निगम के पास 44 लाख लीटर पानी मुख्य भंडारण टैंकों में पहुंच पाया है। सप्लाई के साथ-साथ कुछ ही क्षेत्रों में निगम ने पानी का आवंटन किया। लेकिन लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया।
वहीं जल शक्ति विभाग के अनुसार शिमला में हो रही बारिश के कारण अश्वनी और गिरि पेयजल योजना का पानी काफी मटमैला आ रहा है। सोलन में बारिश न होने के कारण पानी का लेवल भी कम हुआ है। साथ ही पानी साफ नहीं हो पा रहा है। अश्वनी योजना को भी बंद करना पड़ रहा है। हालांकि परकुलेशन वाल के सहारे गिरि योजना से पानी लिफ्ट किया जा रहा है। लेकिन पानी काफी कम मात्रा में लिफ्ट हो पा रहा है। इससे शहर में पानी पर्याप्त नहीं दिया जा रहा है। लेकिन नगर निगम जल संकट के बीच टैंकरों की व्यवस्था करने में भी नाकाम साबित हो रहा है। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन भी पानी के मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है।
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लोगों ने लगाया आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अव्यवस्था के चलते पेयजल आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। पानी आबंटन में भेदभाव हो रहा छह से आठ दिन बाद भी पानी नसीब नहीं हो रहा। घरों में पीने का पानी नहीं है। शौचालय में साफ सफाई न होने और गंदगी फैलने से शहर में भयंकर बीमारियां फैल सकती हैं। स्थानीय लोग पेयजल समस्या को लेकर नगर निगम से कई बार आग्रह कर रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं निकल रहा है। मेहमान सोलन आने से इंकार करने लगे हैं। इससे अति शर्मनाक और शहर की सुंदर छवि खराब हो रही है।
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गिरि पेयजल योजना में गाद की समस्या आ रही है। इसी के साथ अश्वनी योजना को बंद रखना पड़ रहा है। गिरि योजना से पानी लिफ्ट किया जा रहा है। विभागीय टीम व्यवस्था बनाने पर लगी हुई है।
-ई. आशीष राणा
अधिशासी अभियंता, जल शक्ति विभाग सोलन