चंबाघाट स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी की ओर जाने वाला मार्ग दिन प्रतिदिन खस्ता होता जा रहा है। इस मार्ग पर पडे़ बड़े-बड़े गड्ढे और धूल मिट्टी से लोगों सहित वाहन चालकों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। सड़क की खस्ता हालत से हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है। लोगों का कहना है कि ईएसआई डिस्पेंसरी होने के कारण यहां मरीज भी काफी संख्या में आते हैं।
नप और जिला उद्योग विभाग के तहत आने वाले इस मार्ग को उद्योग विभाग द्वारा अपनी सीमा तक दुरुस्त कर दिया है, लेकिन नगर परिषद के तहत आने वाला क्षेत्र एक वर्ष से जस का तस पड़ा हुआ है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों लोग और वाहन गुजरते हैं लेकिन सड़क पर पड़े गड्ढों तथा मिट्टी से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है। यहां से गुजरने वाला हर व्यक्ति मार्ग की खस्ता हालत पर स्थानीय प्रशासन को कोसे बगैर नहीं रहता।
वर्षा होने के बाद तो इस मार्ग की हालत और भी दयनीय हो जाती है। वाहन चालकों सहित राहगीरों का इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो जाता है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने प्रशासन से इस मार्ग को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग की है। उधर नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि समस्या संज्ञान में है। लोगों को परेशानी न हो इसलिए मार्ग को मई के अंत तक दुरुस्त कर दिया जाएगा।
विभाग नहीं ले रहा सुध
व्यवसायी कैप्टन देवराज शर्मा ने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए विभाग ने इस मार्ग को दुरुस्त करने के लिए अभी तक कुछ नहीं किया है। इसके चलते प्रतिदिन लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सुबह से लेकर शाम तक इस मार्ग से वाहन गुजरते हैं। धूल खाने-पीने के सामान पर गिरती है।
इस मार्ग को भी किया जाए पक्का
स्थानीय निवासी दीपक गुप्ता ने बताया कि प्रशासन ने शहर की लगभग सभी सड़कों पर रिपेयर का कार्य किया जा रहा है लेकिन इस मार्ग की खस्ता हालत की ओर अभी तक ध्यान नहीं दिया है। प्रशासन को जल्द से जल्द इस मार्ग की मरम्मत करवानी चाहिए।
जल्द किया जाए मार्ग पक्का
अमित ठाकुर ने कहा कि मौसम साफ रहने पर लोगों को धूल मिट्टी का समाना करना पड़ता है। बारिश के समय कीचड़ से लोगों के गिरने और चोटिल होने का अंदेशा बना रहता है। दोनों विभागों को इस मार्ग को दुरुस्त कर लोगों को राहत पहुंचानी चाहिए।
ग्रामीणों को हो रही परेशानी
ग्रामीण अमर सिंह ठाकुर ने कहा कि ईएसआई मार्ग बहुत से गांवों को जोड़ता है और प्रतिदिन शहर के लिए ग्रामीणों को इसी मार्ग से अपनी घरेलू वस्तुओं को ले जाना पड़ता है। प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।