टेंडर समाप्त होने का दिया हवाला
पचास से अधिक कामगार हुए बेरोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। काठा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक वाशिंग पाउडर बनाने वाले उद्योग में प्रबंधन की ओर से बिना पूर्व सूचना के तालाबंदी कर दी है। यहां पर काम करने वाले 50 से अधिक कामगार निकाल दिए हैं। निकाले गए ज्यादातर कामगार हिमाचल से ही हैं। शनिवार को निकाले गए कामगारों ने कंपनी के गेट पर प्रदर्शन कर संचालकों के खिलाफ नारेबाजी की।
कामगार सबो देवी ने बताया कि वह पिछले 9 साल से इस कंपनी में काम कर रही हैं। लेकिन उसे अचानक बिना कोई कारण बताए कंपनी से निकाल दिया है। उन्हें अभी तक बोनस भी नहीं मिला है। इस उम्र में अब वह कहां जाएंगी।
वहीं पालमपुर के कामगार सतीश कुमार ने बताया कि वह दस साल से इस कंपनी में कामगार रहे हैं। कंपनी में सुपरवाइजर के पद कर काम कर रहा था। इस बार किसी भी कामगार का वेतन नहीं बढ़ा जिस पर उन्होंने मैनेजमेंट से बात की लेकिन उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने श्रम अधिकारी को अपनी समस्या को लेकर मांग पत्र सौंपा जिसकी सुनवाई 12 अगस्त को रखी गई थी लेकिन मांग पत्र सौंपने के बाद उनके खातों में पैसा डाल दिया गया जब वह कंपनी पहुंचे तो गेट बंद था। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कामगारों को उनका हक दिलाया जाए और तानाशाही तरीके से कामगार को बाहर के रास्ता दिखाना उचित नहीं है।
इंटक फेडरेशन के प्रदेश महासचिव हरबंस राणा ने इस कार्रवाई को निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना के कर्मचारियों को निकालना श्रम कानूनों का उल्लंघन है। राणा ने आरोप लगाया कि हिमाचली कर्मचारियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।
श्रम निरीक्षक अमित ठाकुर ने बताया कि उद्योग और कर्मचारियों के बीच 12 अगस्त को बैठक के निर्देश दिए गए थे। यदि उद्योग प्रबंधन ने श्रम कानूनों या विभागीय निर्देशों की अवहेलना करते हुए तालाबंदी की है। तो मामले की जांच के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर कंपनी के संचालकों का कहना है कि उनकी कंपनी दूसरी कंपनी के लिए जॉब वर्क करती थी। उक्त कंपनी की ओर से उनका टेंडर समाप्त कर दिया है जिसके चलते वह कंपनी को जारी नहीं रख सकते हैं।