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Solan News: बुखार से ज्यादा इंतजार ने दिया दर्द

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चैत राम, टैंक रोड। ग्राउंड रिपोर्ट
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- गाउंड रिपोर्ट -
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बरसात में जलजनित बीमारियां बढ़ने से क्षेत्रीय अस्पताल में भीड़
लंबी कतारों और डॉक्टरों की कमी से मरीज परेशान
अस्पताल सिरदर्द, बुखार, पेट दर्द के मरीज बढ़े
आपातकालीन ड्यूटी के चलते सामान्य मरीजों को घंटों करना पड़ रहा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की ओपीडी के बाहर सुबह नौ बजते ही मरीजों की कतार लगनी शुरू हो गई। कोई तेज बुखार से तप रहा है तो किसी को पेट दर्द और उल्टियों की शिकायत है। कई बुजुर्ग दीवार का सहारा लेकर बारी का इंतजार कर रहे हैं, जबकि छोटे बच्चों को गोद में उठाए परिजन डाॅक्टर के कमरे पर नजरें टिकाए हुए हैं। बारिश का दौर शुरू होने के साथ मौसमी और जलजनित बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ा दिया है।
मंगलवार को अस्पताल में हालात ऐसे रहे कि सुबह नौ बजे पहुंचे कई मरीजों का दोपहर एक बजे तक भी डॉक्टर के पास नंबर नहीं आया। दोपहर करीब 12 बजे टोकन नंबर आगे नहीं बढ़ने से कुछ मरीजों का धैर्य जवाब दे गया और उनकी सुरक्षाकर्मियों से बहस हो गई। स्थिति को संभालने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने देर से आने वाले मरीजों को टोकन देकर दो से ढाई घंटे बाद वापस आने की सलाह दी, ताकि उन्हें लंबे समय तक कतार में खड़ा न रहना पड़े।
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अस्पताल में इन दिनों रोजाना सिरदर्द, तेज बुखार, शरीर में कमजोरी, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी शिकायतों वाले 30 से 40 नए मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बरसात के मौसम में दूषित पानी और खानपान में लापरवाही के कारण ऐसे मामलों में बढ़ोतरी होना सामान्य है, लेकिन इस बार मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है।
आपातकालीन ड्यूटी से डॉक्टरों की कमी
मरीजों का आरोप है कि ओपीडी में डॉक्टरों की भारी कमी है। इसके अलावा ओपीडी में तैनात डॉक्टरों को बीच-बीच में आपातकालीन स्थितियों को संभालने के लिए जाना पड़ता है। इससे सामान्य ओपीडी की गति बेहद धीमी रही। बीमार मरीजों के लिए कमजोरी और बुखार की हालत में घंटों लाइन में खड़े रहना बेहद कष्टदायक साबित हो रहा है।
मरीजों की जुबानी
मैं सुबह 9:00 बजे अस्पताल पहुंच गया था। 10:00 बजे मुझे 85 नंबर का टोकन मिला। दोपहर के 1:00 बज चुके हैं, लेकिन अभी भी ओपीडी में सिर्फ 30 नंबर का टोकन ही चल रहा है। तेज बुखार और शरीर में कंपन के कारण इतनी देर खड़े रहना मुश्किल हो रहा है।
चेत राम (60 वर्ष), निवासी टैंक रोड
सिर्फ डॉक्टर को दिखाने के लिए ही नहीं, बल्कि दवा लिखवाने और लेने के लिए भी तीमारदारों को घंटों टोकन नंबर का इंतजार करना पड़ रहा है। डॉक्टरों की कमी साफ दिख रही है। अगर नए अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती की जाए, तभी इस समस्या का स्थायी समाधान हो पाएगा।
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-करण सिंह, निवासी गांधीग्रामस्वास्थ्य विभाग ने बरसात में होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए पहले से ही पुख्ता तैयारियां की हैं। आपातकालीन स्थिति को देखते हुए अस्पतालों में दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक मंगवा लिया गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विभाग की ओर से जरूरी एडवाइजरी भी जारी की गई है और डॉक्टर सभी मरीजों को एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।
-डॉ. अजय पाठक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोलन

चैत राम, टैंक रोड। ग्राउंड रिपोर्ट

चैत राम, टैंक रोड। ग्राउंड रिपोर्ट

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