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उद्योगों ने खड्डों में छोड़ दिया जहरीला पानी

Fri, 17 Feb 2017 10:05 PM IST
ब्यूरो, नालागढ़, सोलन
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औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के भाटियां में कुछ उद्योग संचालक नियमों को ताक पर रखकर केमिकलयुक्त अनट्रिटेड पानी खड्डों में बहा रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला
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औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के भाटियां में कुछ उद्योग संचालक नियमों को ताक पर रखकर केमिकलयुक्त अनट्रिटेड पानी खड्डों में बहा रहे हैं। इससे जहां वातावरण प्रदूषित हो रहा वहीं आम लोगों के बीमारियों की चपेट में आने का भी अंदेशा बना हुआ है। प्राकृतिक जलस्रोतों के प्रदूषित होने का खतरा भी बना हुआ है।
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उद्योगों के गंदा पानी छोड़ने को लेकर ग्रामीण परेशान है। दावा किया जा रहा है कि प्रदूषित पानी के चलते कुछ लोग जानलेवा बीमारियों के चपेट आ चुके हैं और कई बार उद्योगों की शिकायत विभाग के अलावा सरकार को भी की जा चुकी है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। संबंधित विभाग शिकायत पर खानापूर्ति कर पल्ला झाड़ लेते हैं। उद्योगों से बह रहे दूषित पानी को लेकर ग्रामीणों में रोष है। लोगों ने ऐसे उद्योगों को चिन्हित करके शिकंजा कसने की मांग की है। जय जवान स्पोर्ट्स क्लब भाटियां के अध्यक्ष कुलविंद्र सैणी ने बताया कि गांव में कैंसर पीड़ित चार लोगों की मौत हो चुकी है।

खेत होने लगे बंजर, विभाग की योजनाएं प्रभावित
प्रभावितों का कहना है कि केमिकल युक्त पानी ग्रामीणों के खेतों में चला जाता है। नालों के साथ सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की कुछ सिंचाई तथा पेयजल योजना भी इस प्रदूषित पानी से प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि गत वर्ष भाटियां, कंगनवाल, मंगूवाल और ढांग ग्रामीण इसकी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
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लोगों की जिंदगी दाव पर
नालागढ़ विकास मंच के अध्यक्ष नरेश घई ने सरकार से मांग की है कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर नकेल कसी जाए और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। प्रदूषण फैलने से लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है और प्रदूषण से जानवरों की जिंदगी दाव पर लगी हुई है।

बढ़ रही हैं बीमारियां
एसजीपीसी के सदस्य एवं शिरोमणी अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष दलजीत सिंह भिंडर ने कहा कि प्रदूषण के कारण क्षेत्र में कई बीमारियां बढ़ गई हैं। प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वालों पर शिकंजा कसने की मांग की है।

पैदावार को हो चुका नुकसान
बीडीसी सदस्य सुरेंद्र सिंह ने कहा कि नदियों में काला पानी आने से किसान खेतों की सिंचाई भी नहीं कर सकते। इस पानी से फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इससे लोगों को आर्थिक दिक्कतें भी झेलनी पड़ रही हैं।

समय रहते हो कार्रवाई
गांव सनेड़ के ईश्वरनाथ ने कहा कि जिस तरह नदियों का पानी प्रदूषित हो रहा है उससे गांव में बीमारियां फैलने का डर लगा रहता है। ऐसे उद्योगों पर जल्द शिकंजा नहीं कसा तो स्थिति काफी बिगड़ सकती है। समय रहते शिकंजा कसा जाना चाहिए।

शिकायतों पर लिए पानी के सैंपल
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बद्दी के अधिशासी अभियंता बृजभूषण ने बताया कि शिकायतें मिलने के बाद गांव भाटियां के कुछ स्थानों से वीरवार को पानी के सैंपल लिए हैं। सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि यह पानी उद्योगों का है या कहीं अन्य जगह का। सैंपल खराब आए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड मुस्तैदी से कार्य कर रहा है।
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