सोलन के साथ लगते दयारशघाट में श्रीराम कथा को सुनते भक्तजन। संवाद
सोलन। दयारशघाट में चल रही श्री राम कथा और शतचंडी महायज्ञ के सातवें दिन आचार्य राहुल शर्मा ने भगवान श्रीराम के वनवास और केवट मिलन का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास मिल जाता है, और वह सभी सांसारिक सुखों को छोड़कर जंगल की ओर चले जाते हैं। आचार्य ने केवट के प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम, सीता और लक्ष्मण गंगा पार कर रहे थे, तब केवट ने उन्हें नाव में बैठाने से पहले श्रीराम के चरणों को धोने की शर्त रखी। केवट का मानना था कि भगवान के चरणों की धूल में इतनी शक्ति है कि वह काठ की नाव को स्त्री बना सकती है, और यदि उसकी नाव स्त्री बन गई तो उसकी रोजी-रोटी छिन जाएगी। इस कारण केवट ने श्रद्धा पूर्वक प्रभु के चरण धोकर उन्हें गंगा पार कराया।