महिला मंडल देलगी कर रहा श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। देलगी गांव में श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन नागेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने रुक्मिणी विवाह और उद्धव प्रसंग को सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्ति और प्रेम का गहन संदेश दिया।
कथावाचक ने बताया कि रुक्मिणी विवाह प्रेम, आस्था और पूर्ण समर्पण का अनुपम उदाहरण है, जहां सच्ची श्रद्धा अंततः भगवान तक पहुंचती है। जैसे ही रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया, पूरा पंडाल जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उद्धव प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि ज्ञान चाहे कितना भी गहन क्यों न हो, भक्ति उससे कहीं ऊंची होती है। गोपियों की निष्काम भक्ति से उद्धव का अहंकार समाप्त होता है और यह संदेश मिलता है कि भगवान को पाने का सबसे सरल और सहज मार्ग प्रेम व भक्ति है।
इसके साथ ही द्वारिका महिमा का वर्णन करते हुए कथावाचक ने आदर्श राजधर्म और लोक कल्याण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि जीवन को सत्कर्म, सेवा और सदाचार से जोड़ने की प्रेरणा देती है। कथा के दौरान प्रस्तुत मधुर भजन-कीर्तन और आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रस में सराबोर कर दिया। महिला मंडल देलगी की प्रधान रीता वर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं और कथा के उपरांत सभी के लिए भोजन व्यवस्था भी की जा रही है।