रख रामसिंह में कथा श्रवण करते हुए श्रद्धालु स्रोत: संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। रखराम सिंह कॉलोनी के श्री दुर्गा माता मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन व्यासपीठ आचार्य अविनाश सांख्यान ने भगवान के अवतारों का विस्तृत वर्णन किया। उन्होंने समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाया, जिसमें 14 प्रकार के रत्न प्रकट हुए। इसके बाद वामन भगवान और राजा बलि की कथा सुनाई गई। उन्होंने बताया कि राजा बलि अत्यंत दानी था और इंद्र का सिंहासन खतरे में था। अतः भगवान ने वामन अवतार लेकर राजा बलि से तीन पग भूमि मांगी और केवल अढ़ाई पग में पूरी धरती को नापा। तीसरा पग राजा बलि के सिर पर रखा और उन्हें पाताल लोक भेज दिया।आचार्य ने श्री राम के संक्षिप्त प्रसंग के बाद कृष्ण जन्म की कथा सुनाई। बताया कि जब कंस के पाप बढ़ गए, तो देवताओं ने भगवान से प्रार्थना की। भगवान ने देवकी के गर्भ में अवतार लेने का निर्णय लिया। कंस ने देवकी के छह बच्चों को मार डाला, लेकिन सातवें गर्भ को माया ने संकर्षण विधि से रोहिणी के गर्भ में प्रतिस्थापित किया। आठवें गर्भ में भगवान स्वयं देवकी के गर्भ में आए। इस अवसर पर भजनों का गायन हुआ और भक्तों ने आनंदित होकर नृत्य किया। कथा का आयोजन 16 मई से 22 मई तक जारी रहेगा, जिसमें पूर्णाहुति के दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।