दोपहर दो बजे पुरानी कचहरी के पास पालकी का स्वागत करेंगे मुख्यमंत्री
मेले के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने पूरी की तैयारियां,
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। अधिष्ठात्री मां शूलिनी मेले का शुभारंभ शुक्रवार को माता की शोभायात्रा के साथ होगा। मां शूलिनी पालकी में सवार होकर मंदिर से निकलेगी और अपनी बहन से मिलने के लिए गंज बाजार स्थित मंदिर में पहुंचेगी। जहां पर तीन दिन रुकने के बाद रविवार को मां शूलिनी को वापस उनके मंदिर तक पहुंचाया जाएगा। माता अपने मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद करीब दोपहर 2:00 बजे बहन से मिलने के लिए निकलेगी। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और ढोल-नगाड़ों के साथ मां की पालकी निकलेगी। इस दौरान पुरानी कचहरी के समीप मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह मां की पालकी का स्वागत करेंगे। इसके साथ ही तीन दिवसीय राष्ट्रस्तरीय मां शूलिनी मेले का भी शुभारंभ हो जाएगा।
मेले के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने तैयारियां पूर्ण कर ली है। शहर की हर गली-मोहल्ले और बाजार को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। मालरोड पर बनी ठोडा कलाकृतियां पर रंग रोगन किया गया है, जबकि मंदिर के आस पास फूलमालाएं से सजाया गया है। मंदिर से निकलने के बाद पुरानी कचहरी के समीप माता का स्वागत होगा। यहां पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू माता की डोली का स्वागत करेंगे। इसके बाद बघाट बैंक चौक के पास माता पर पुष्प वर्षा होगी। यहां पर माता के दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग खड़े होते हैं। पहला पड़ाव गंज बाजार के समीप रखा गया है, जबकि दूसरा पड़ाव पुराने बस स्टैंड के समीप रखा गया है। इसके बाद यहां से माता मालरोड, पुराने उपायुक्त चौक होते हुए वापस गंज बाजार की ओर जाएगी और देर रात करीब 11 बजे गंज बाजार स्थित बहन के पास पहुंचेगी।
इन्हें सौंपा है शोभायात्रा का दायित्व
मां शूलिनी की शोभायात्रा का दायित्व शूलिनी कल्याणे और माता मंदिर ट्रस्ट को सौंपा गया है। शोभायात्रा को भव्य, सुंदर व आकर्षक बनाने के लिए झांकियां भी साथ होगी। इसमें गणेश, कृष्ण, शिव व मां काली के तीन रूप, अघोरी तांडव, हनुमान, भगवान राम व अन्य झांकियां भी होगी। पहाड़ी वाद्ययंत्र, बैग पाइपर, बैंड बाजा, सपेरा बीन के अतिरिक्त विशेष ढोली शोभायात्रा का गौरव को बढ़ाएंगे।