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कॉलेज के सैैकड़ों होनहारों की छात्रवृत्ति पर संकट

Wed, 12 Oct 2016 09:56 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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डिग्री कॉलेज सोलन के क्वालीफाई स्टाफ की लापरवाही के चलके सैकड़ों होनहार एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के छात्र स्कालरशिप से वंचित रह सकते हैं। - फोटो : अमर उजाला
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डिग्री कॉलेज सोलन के क्वालीफाई स्टाफ की लापरवाही के चलके सैकड़ों होनहार एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के छात्र स्कालरशिप से वंचित रह सकते हैं। रूसा और अन्य झमेलों के चक्कर में काफी संख्या में पात्र विद्यार्थियों के स्कालरशिप (पेस्ट मैट्रिक) के दस्तावेज ही गलत वैरीफाई कर दिए गए। कोताही पकड़ में आने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रबंधन को फटकार लगाते हुए 15 अक्तूबर से पहले गलती दुरुस्त करके वेरीफाई डाक्यमूेंट दोबारा भेजने के आदेश जारी किए हैं।
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प्राचार्य को जारी इन आदेशों में साफ तौर पर कहा है कि डीलिंग असिस्टेंट/ इंचार्ज को इन खामियों को दूर करने के निर्देश देने के लिए कहा है। समय पर दस्तावेज दुरुस्त न होने पर लाभार्थी छात्रों से स्कालरशिप छिन जाएगी।  इसके लिए प्राचार्य समेत संबंधित प्रबंधन जिम्मेवार होगा। बताया जा रहा है कि प्रदेश में करीब 21 कॉलेजों की लिस्ट निदेशालय ने जारी की है। इसमें सोलन कॉलेज का 13वां नंबर है। इसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर मेधावी छात्रवृत्ति योजना, ठाकुर सेन उत्कृष्ट छात्रवृत्ति योजना, महर्षि वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना, इंदिरा गांधी उत्कृष्ट

छात्रवृत्ति योजना और आईआरडीपी छात्रवृत्ति  योजना आदि शामिल है। इसमें सालाना 5 से 11 हजार तक की छात्रवृत्ति योजनाएं शामिल हैं। संयुक्त निदेशक, स्टेट नोडल आफिसर, निदेशालय उच्च शिक्षा द्वारा ईडीएन-एचई (10)एफ (04) 18/2009 के तहत यह आदेश जारी हुए हैं।
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यहां हुई गलती
कॉलेज प्रबंधन ने एससी/एसटी/ओबीसी छात्रों के लिए दी जाने वाली स्कालरशिप (पेस्ट मैट्रिक) में छात्र-छात्राओं का ब्यौरा और दस्तावेजों को गलत वेरिफिकेशन कर उच्च शिक्षा निदेशालय को भेज दिया। इस कारण सैकड़ों छात्रों के फार्म रिजेक्ट हो गए। सरकार द्वारा योग्य छात्रों को दिए जाने वाली विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं को आनलाइन भरा जाता है। इसके लिए पात्र विद्यार्थी को विभाग की वेबसाइट पर अपने को रजिस्टर करवाना होता है। इसके बाद आवेदन करने वाले को एक लॉगइन पासवर्ड मिला है। इससे छात्र अपना छात्रवृत्ति फार्म भरते हैं। कॉलेज द्वारा गठित कमेटी इन फार्मों की वेरिफिकेशन कर इसे आगे विभाग को भेजते हैं। विभाग द्वारा योग्य छात्रों की छंटनी की जाती है।

कॉलेज प्रबंधन यह दे रहा सफाई : भल्ला
कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल अनुपम भल्ला ने कहा कि स्कालरशिप के लिए आनलाइन आवेदन कर रहे छात्र अपने फार्म की वेरिफिकेशन कॉलेज द्वारा गठित कमेटी से करवाए बिना ही भेज रहे हैं। इससे आवेदन करने वालों का सही आंकड़ा कॉलेज को नहीं मिल पाता। ऐसे में कॉलेज की कोई गलती नहीं। 
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