दावा, रक्त चंदन से बना प्रदेश का पहला कील रहित होगा रथ
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। पंचायत कश्लोग में आराध्य देव श्री देव हरसंग ऋषि जी के नए देवरथ के शृंगार और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के लिए शुभ मुहूर्त घोषित कर दिया गया है। 13 मार्च को मंदिर परिसर में विधि-विधान के साथ इस भव्य आयोजन की शुरुआत होगी। दावा किया जा रहा है कि यह हिमाचल प्रदेश का पहला ऐसा देवरथ है, जो पूर्ण रूप से पवित्र रक्त चंदन की लकड़ी से निर्मित है। देव समिति के अनुसार इस रथ का निर्माण प्राचीन पहाड़ी शैली के दक्ष कारीगरों ने किया है। रथ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके निर्माण में एक भी लोहे की कील का प्रयोग नहीं किया गया है, जो इसकी पारंपरिक और धार्मिक महत्ता को अद्वितीय बनाता है। कमेटी के अनुसार देवता के रथ के शृंगार का शुभ मुहूर्त 13 मार्च को सुबह 8:15 के बाद से 10:00 बजे से पहले तक निर्धारित किया गया है। इसके पश्चात देवता के मोहरे को उठाकर रथ में विराजमान करने का शुभ मुहूर्त सुबह 10:00 के बाद से 11:00 बजे से पहले तक रहेगा। इसी दिन धार्मिक अनुष्ठान की पूर्ण आहुति भी दी जाएगी। इसके अलावा 14 मार्च को संक्रांति के दिन देवता के रथ को मंदिर से बाहर निकालने का शुभ मुहूर्त सुबह 8:00 से 9:30 बजे तक तय किया गया है।
कोट
सभी देव भक्तों, कारदारों और बजंतरियों से आग्रह है कि वे निर्धारित समय पर कश्लोग पहुंचकर इस ऐतिहासिक और पावन अवसर के साक्षी बनें और देव आशीर्वाद प्राप्त करें।
- देवता कमेटी, कश्लोग