विकास में जन सहयोग योजना में चेवा पंचायत के लोगों ने मिसाल पेश की है।
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विकास में जन सहयोग योजना में चेवा पंचायत के लोगों ने मिसाल पेश की है। यहां के स्थानीय लोग सरकार से मिलकर 12 करोड़ की लागत से मल्टीपपर्ज स्टेडियम का निर्माण कर रहे हैं। अब तक स्थानीय लोगों ने खुद की जेब और अन्य संसाधनों से करीब 46 लाख की बड़ी रकम एकत्र कर ली है। दावा है कि प्रदेश में इस तरह का अब तक का यह विकास में जनसहयोग का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है।
परवाणू- शिमला एनएच पर स्थित धर्मपुर से सटी पंचायत चेवा में यदि यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो न केवल एक बड़ा स्टेडियम लोगों को मिलेगा बल्कि यहां युवा खिलाड़ियों को अपना हुनर निखारने में भी मदद मिलेगी। इंडोर स्टेडियम में लगभग दो हजार दर्शकों को बैठने की सुविधा मिलेगी। इस स्टेडियम का निर्माण पांच बीघा जमीन पर किया जा रहा है। इसमें 4 मंजिला स्टेडियम चार बीघा जमीन में बनेगा। एक बीघा में पार्किंग का इंतजाम होगा।
शूटिंग रेंज, स्विमिंग पूल और बैडमिंटन कोर्ट भी होगा
इस भवन में आधुनिक शूटिंग रेंज बनाने की योजना है। ग्राउंड फ्लोर पर स्विमिंग पुल का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा वॉलीबाल और बैडमिंटन कोर्ट द्वितीय तल में होगा। इसके अलावा एक बड़ा हाल भी बनेगा। फर्स्ट फ्लोर पर छह कमरे और डोरमैटरी की सुविधा रहेगी।
जिला सोलन में नहीं ऐसी सुविधा
जिला में युवाओं के लिए इस तरह की सुविधा अब तक नहीं है। युवा खिलाड़ियों को प्रेक्टिस के लिए भारी दिक्कत होती है। संबंधित खेलों को करियर मान चुके युवाओं को इन खेलों में दक्ष होने के लिए बाहरी राज्यों का रुख करना पड़ता है। अगर यह कवायद सफल रही तो युवाओं को अभ्यास के लिए भी एक बढ़िया स्थान मिलेगा। साथ ही प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा सकेगा।
पंचायत के अधीन होगा स्टेडियम : चौहान
प्रोजेक्ट के चेयरमैन एवं हिमाचल प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश चौहान ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर का काम पूरा हो चुका है। पहले चरण का काम युद्ध स्तर पर है। इस भूमि का शिलान्यास सीएम ने किया था। इस प्रोजेक्ट के लिए बेकार पड़ी भूमि को पंचायत के नाम स्थानांतरण कर दिया है। इसे बाद स्टेडियम का निर्माण विकास में जन सहयोग योजना में डलवाया गया। दावा किया कि प्रदेश का यह अपनी तरह का पहला ऐसा भवन होगा जिसमें आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। वहीं पंचायत को 20-30 लाख रुपये की सालाना आमदनी होगी। यह स्टेडियम पंचायत के अधीन होगा। एक वर्ष के आसपास निर्माण कार्य पूरा करके सीएम से शुभारंभ करवाया जाएगा।