ऑटो में ओवरलोडिंग और ओवरचार्जिंग की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने शहर में निजी मुद्रिका बसें फिर चलाने की कवायद शुरू कर दी है। जिला प्रशासन की आम लोगों को राहत देने की कोशिश रंग लाई तो जल्द ही शहर में निजी मुद्रिका बसें फिर दौड़ेंगी। इससे न केवल लोगों को सस्ता और आरामदेह सफर मिलेगा बल्कि शहर में यातायात की दिक्क्तें भी दूर होंगी।
जिला प्रशासन ने निजी बसों को शहर में चलाने और रूट के लिए कमिश्नर ट्रांस्पोर्ट तथा दो मनोनीत गैर सरकारी सदस्यों वाली आरटीए (रीजनल ट्रांस्पोर्ट) कमेटी को प्रस्ताव तैयार करके भेजा है। इसे जल्द मंजूरी मिलने की आस है। मंगलवार को ऑटो संचालकों पर सख्ती करते हुए पुलिस ने हर कहीं धड़ाधड़ चालान करते हुए सबलेटिंग और ओवलोडिंग के मामले पकड़े। 10 ऑटो को भी बाउंड किया है।
लोगों की शिकायतों पर हुई इस कार्रवाई से ऑटो संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस विभाग ने यात्रियों से भी अपील की है कि ऑटो में तीन सवारियां होने पर जबरन उसी ऑटो में न बैठें। दूसरे ऑटो में चले जाएं।
तीन से ज्यादा सवारियां बिठाईं तो लाइसेंस रद्द
पुलिस ने मंगलवार को ऑटो संचालकों के धड़ाधड़ चालान काटे। साथ ही हिदायत दी कि अगर ऑटो में नियमों के तहत 3 से अधिक सवारी दिखी तो ऑटो का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। वहीं ऐसा न करने का बांड भरकर देना होगा। उधर ऑटो किराया बढ़ाने के बाद नियमों को धत्ता बताते हुए ऑटो संचालक ऑटो पर ओवलोडिंग करना शुरू हो गए। प्रशासन द्वारा तय किराये से अधिक की वसूली भी लोगों के लिए सिरदर्द बन गई है। इसकी शिकायत लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस से कर शिकंजा कसने की मांग उठाई।
यह है पूरा विवाद
जून माह में ऑटो संचालकों मनमर्जी से किराया बढ़ा दिया। लेकिन प्रशासन ने इस पर सख्ती कर दी। धड़ाधड़ ओवरलोडिंग और सबलेटिंग के चालान शुरू हो गए। प्रशासन के साथ विवाद गहराया और शूलिनी मेले से पहले आटो संचालक हड़ताल पर चले गए। आम लोगों को दिक्कत न हो, प्रशासन ने निजी मुद्रिका बसों को चलाना शुरू कर दिया। लेकिन बाद में अचानक मुद्रिका बसें भी बंद हो गई। लेकिन एचआरटीसी की गिनी चुनी बसें चलती रही। लिहाजा अब मास ट्रांस्पोर्टेशन पर ऑटो संचालकों का एकाधिकार हो गया और दोबारा से ओवलोडिंग, ओवरचार्जिंग और सबलेटिंग की शिकायतें आने लगी। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब दोबारा से सख्ती शुरू हो गई है।
अमर उजाला अखबार की मुहिम लाई रंग
निजी मुद्रिका बसें बंद होने के बाद लोगों को आ रही समस्याओं को प्रशासन के समक्ष पहुंचाया गया। प्रदेश के नंबर वन अखबार अमर उजाला के पाठकों ने अपनी समस्याएं साझा की। 9 नवंबर को निजी बसें बंद करने और लोगों को हो रही दिक्कतों को अमर उजाला अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। वहीं आम लोगों द्वारा ज्ञापन सौंपने और पुलिस और प्रशासन से सख्ती की मांग को भी प्रमुखता से छापा। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए व्यवस्था सुधारने का प्रयास शुरू कर दिया।
वीडियो बनाएं और पुलिस को भेजें
कोई ऑटो संचालक ओवरचार्जिंग कर रहा है, या फिर आपसे अभद्र व्यवहार कर रहा है तो बहसें मत। बस अपने मोबाइल पर उस घटना का वीडियो बनाएं या रिकार्डिंग करके पुलिस अधिकारी के फोन नंबर 94180-63784 पर व्हाटसऐप कर दें। ध्यान रखें की फाइल ज्यादा बड़ी न हो। ट्रैफिक इंचार्ज एमआई खान ने बताया कि यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। कोताही कतई बर्दाश्त नहीं होगी।
यातायात व्यवस्था पर साझा करें राय
शहर में बिगड़ी यातायात व्यवस्था को लेकर आप अपनी राय अमर उजाला तक पहुंचा सकते हैं। व्हाटसऐप नंबर 9418290903 पर आप सुझाव दे सकते हैं। आपके सुझाव प्रकाशित करके प्रशासन तक पहुंचाए जाएंगे।
नियमानुसार दौड़ेंगी निजी बसें : डीसी
डीसी सोलन डॉ. राकेश कंवर ने कहा कि लोगों की मांग को देखते हुए शहर में स्थायी तौर पर निजी मुद्रिका बसें चलाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। आरटीए को निजी बसों के अप्रुवल के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलते ही शहर में निजी बसों को नियमानुसार दौड़ाया जाएगा। कहा कि जहां तक ओवरलोडिंग और ओवरचार्जिंग की शिकायत है। पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।