नए उद्योगों को आकर्षित करने बजट में नहीं कोई प्रावधान
एजीटी और सीजीसीआर को समाप्त करने की मांग अधूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के लिए बजट में कोई नया प्रावधान नहीं किया गया। जिससे उद्योगपति मायूस हैं। नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए भी कोई योजना नहीं बनाई है। न ही यहां से पलायन कर रहे उद्योगों को रोकने को लिए कोई ठोस नीति बनाई गई। उद्योगपति ईडी को कम करने और एजीटी व सीजीसीआर को समाप्त करने की उम्मीद लगाए थे, लेकिन बजट में ऐसा कुछ नहीं हुआ जिससे उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
बजट में सीएम ने केवल उद्योगपतियों की सराहना तो जरूर की लेकिन उनके उत्थान के लिए कोई बड़ी योजना लागू नहीं की। उद्योगपति चाहते हैं कि उन्हें किसी छूट की जरूरत भी नहीं है लेकिन जब देश में एक जैसा टैक्स है तो एजीटी और सीजीसीआर को समाप्त करना चाहिए। यह देश में कहीं पर नहीं है। इससे यहां के उद्योगपति प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पिछड़ रहे हैं।
बीबीएन में उद्योगपतियों के आवास के लिए यहां पर अभी कोई योजना नहीं बनी है। यहां पर उद्योगपति शाम को चंडीगढ़ चले जाते हैं। यहां पर तो कोई स्वास्थ्य की सुविधा और न ही उच्च स्तर का कोई शैक्षणिक संस्थान है। सरकार यहां पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करे जिससे उद्योगपति यहां पर रूकें। प्रदेश सरकार ने आते ही विद्युत ड्यूटी बढ़ा दी। इसे 11 से 18 फीसदी कर दिया गया। पहले हिमाचल में बिजली सस्ती थी और उद्योगपतियों को इसका फायदा होता था लेकिन अब बिजली भी अन्य राज्यों के बराबर है। सरकार ने बजट में केवल इंसेंटिव की छूट वहीं दी गई जो पहले से लागू थी। उद्योगपति इसको लेकर अदालत चले गए । जिसके चलते बजट में केवल 2019 से 2024 तक उद्योगों के विस्तार करने में जो ईडी में छूट दी गई थी वही इंसेंटिव देने की बजट में घोषणा हुई।