नगर निगम के वार्ड पांच में समाधान शिविर के दौरान मौजूद लोग। संवाद
वार्ड पांच और सात के लोगों ने निगम को बताई समस्या, मौके पर ही अधिकारियों ने किया समाधान
गर्मी से पहले पानी की किल्लत दूर करने के लिए ठोस रणनीति बनाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। स्वच्छ शहर समृद्ध शहर चरण-2 के तहत वार्ड पांच और सात में आयोजित समाधान शिविर में सफाई और पानी का मुद्दा गूंजा। लोगों ने शहर की चरमराई सफाई व्यवस्था और आगामी गर्मियों में संभावित पेयजल किल्लत को लेकर अधिकारियों को जमकर घेरा। शिविरों में मुख्य रूप से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर लग रहे गंदगी के ढेरों पर चिंता जताई गई। वार्ड पांच और सात के निवासियों ने शिकायत की कि सुबह 8:00 बजे तक शहर के विभिन्न कोनों में गंदगी के ढेर लग जाते हैं। लोगों का कहना है कि घर-द्वार से कूड़ा उठाने की व्यवस्था होने के बाद भी कुछ लोग और संस्थान खुले में कूड़ा फेंक रहे हैं। जनता ने मांग की है कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए। समाधान शिविर में पेयजल आपूर्ति एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को याद दिलाया कि पिछली गर्मियों में पानी तीसरे और पांचवें दिन मिल रहा था, जिससे उन्हें महंगे टैंकर मंगवाने पड़े। लोगों ने आग्रह किया कि इस बार गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही ठोस योजना तैयार की जाए ताकि जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए न तरसना पड़े।
अधिकारियों ने मौके पर सुनीं समस्याएं
वार्ड पांच में नगर निगम के संयुक्त आयुक्त चेतन चौहान और वार्ड सात में आयुक्त एकता कापटा ने कमान संभाली।अधिकारियों ने कई छोटी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कर दिया। वहीं ड्रेनेज, टूटी हुई टाइलों और रास्तों की मरम्मत से संबंधित मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर समयबद्ध रिपोर्ट मांगी गई है।
कोट
समाधान शिविरों का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को उनके वार्ड में ही हल करना है। सफाई व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। हम जनता से भी अपील करते हैं कि गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग कर निर्धारित दिनों पर ही दें। खुले में कूड़ा फेंकने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
- चेतन चौहान, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम सोलन