बड़ोग पटवार वृत्त में दोबारा निशानदेही से लोगों में हो रहा भ्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
कसौली (सोलन)। विकास खंड सोलन के तहत आने वाले पटवार वृत्त बड़ोग में भूमि अभिलेखों से संबंधित गंभीर अनियमितताएं लंबे समय से सामने आ रही हैं। इस पटवार वृत्त के तहत आने वाले लगभग सभी गांव खाली, बाड़ा, दघोटा, कलोल, बड़ोग, खील जांशली के लोग इसे लेकर बार-बार शिकायतें कर रहे हैं कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज उनकी भूमि की स्थिति वास्तविक भौतिक कब्जे से मेल नहीं खाती। अनेक मामलों में लोगों की जमीन कागजों में एक स्थान पर दर्शाई गई है, जबकि उन्हें वर्षों पूर्व किसी अन्य स्थान पर निशानदेही देकर कब्जा प्रदान किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में मालगुजारों और राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने जिस स्थान पर भूमि की निशानदेही की गई थी, उसी आधार पर उन्होंने अपने आवासीय भवन, कृषि कार्य और अन्य निर्माण कार्य कर लिए। कई परिवार पिछले 20-25 वर्षों से उसी भूमि पर रह रहे हैं,लेकिन अब अचानक राजस्व विभाग की ओर से उसी भूमि पर अन्य व्यक्तियों को पुनः निशानदेही दी जा रही है। इससे गंभीर भ्रम और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस विसंगति के कारण क्षेत्र में प्रतिदिन भूमि विवाद, आपसी झगड़े बढ़ते जा रहे हैं। अनेक परिवारों को अपनी वैधता सिद्ध करने के लिए अदालतों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। क्षेत्रवासियों की सामूहिक एवं पुरजोर मांग है कि, समीपवर्ती धर्मपुर क्षेत्र की भांति इस पटवार वृत्त में भी राजस्व विभाग द्वारा शीघ्रातिशीघ्र व्यापक एवं पारदर्शी लैंड सेटलमेंट (भूमि बंदोबस्त) प्रक्रिया करवाई जाए। आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक, पुनः सीमांकन (डिमार्केशन), अभिलेखों का अद्यतन एवं सार्वजनिक सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में एकरूपता स्थापित हो सके। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समुचित कदम नहीं उठाए गए, तो विवाद और अधिक गहराते जाएंगे, जिससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्र की सामाजिक एकता भी प्रभावित होगी।