500 और 1000 की करेंसी एक्सचेंस को बैंकों के बाहर लोगों की दौड़धूप लगातार आठवें दिन भी जारी रही।
- फोटो : अमर उजाला
500 और 1000 की करेंसी एक्सचेंस को बैंकों के बाहर लोगों की दौड़धूप लगातार आठवें दिन भी जारी रही। सोलन समेत औद्योगिक शहर बीबीएन के बैंकों के बाहर वीरवार को पुराने नोट की एक्सचेंज लिमिट को घटाकर दो हजार रुपये करने को लेकर भारी नाराजगी देखी गई। हालांकि बैंकों तक सरकार की नई मनी एक्सचेंज गाइड लाइन के न पहुंचने से लोगों को वीरवार को भी 45 सौ रुपये तक एक्सचेंज की सुविधा मिलती रही।
बैंक प्रबंधकों ने दो हजार की एक्सचेंज लिमिट की नई गाइड लाइन नहीं मिलने की बात कही है। एसबीओपी के सहायक प्रबंधक अश्वनी घई ने कहा कि लोगों को 4500 तक का ही मनी एक्सचेंज दिया जा रहा है। गाइड लाइन के अनुसार ही 2000 तक एक्सचेंज लिमिट की जाएगी। वहीं अधिकतर लोगों को भी इस बारे में जानकारी नहीं रही। हालांकि सोशल मीडिया और अन्य संचार के माध्यमों से इसका जिक्र होता रहा लेकिन लोग पाबंदी के सामान्य दिनों के तरह ही लाइनों में लगे दिखे। कामकाज छोड़ लोग लाइनों में लगे दिखे।
ऐसे में कैसे चलेगा काम
बद्दी (सोलन)। बैंकों के बाहर खड़े रामसरन, तरसेम, हैप्पी, सुनील, सुरेखा और कमलेश ने कहा कि सरकार के पहले ही 4500 रुपये की मनी एक्सचेंज लिमिट से उन्हें घंटों बैंक के बाहर खड़े होना पड़ रहा है। उन्हें नौकरी पर जाने में भी समस्या आ रही है। लिमिट को घटाकर दो हजार करने से उनका घर से उद्योग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का सफर करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका अधिकतर कार्य कैश में ही होता है। लेकिन उनके पास कैश न होने से उन्हें जरूरी सामान खरीदे में भी परेशानी हो रही है।
अब नाचते-नाचते नहीं उड़ रहे पैसे
सोलन में कई शादियां तो रिश्तेदारों की दम पर हुई। सोलन के पाटी में एक शादी के दौरान दो दर्जन से अधिक रिश्तेदारों ने चार-चार मनी एक्सचेंज करके करीब एक लाख की रकम शादी वाले घर के लिए अरेंज की। बाजे और डीजे के डांस के दौरान नाचते-नाचते नोटों की बारिश नहीं हुई। प्राइवेट गाड़ियों की पेमेंट चेक के माध्यम से की। निजी गाड़ियों में ही बारात लेकर जानी पड़ी। इसके अलावा कामगार पप्पू यादव ने कहा कि यूपी में उनके भाई की शादी है। इसके लिए वह अपने दोस्तों से कैश उधार ले चुका है। लेकिन बैंक से पैसे निकालने की लिमिट के कारण अब उसके परिवार को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में शादी तक पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है।