भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ के सदस्य बैठक के दौरान। स्रोत: संगठन
दाड़लाघाट पेंशनर इकाई की बैठक में सदस्यों ने उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ हिमाचल प्रदेश की दाड़लाघाट इकाई की मासिक बैठक शनिवार को शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित की गई। इकाई अध्यक्ष डॉ. मनोज शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पेंशनरों ने प्रदेश की सुक्खू सरकार के खिलाफ जमकर गुबार निकाला। विशेष रूप से उपस्थित जिला अध्यक्ष बाबूराम ठाकुर ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। बैठक में पेंशनरों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि वे अपनी ही जमा पूंजी और जायज हक के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। संघ ने मांग की कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित देनदारियों का भुगतान तुरंत किया जाए। इनमें मुख्य रूप से डीसीआरजी और लीव इनकैशमेंट का भुगतान। संशोधित पेंशन का बकाया एरियर। 13 प्रतिशत महंगाई राहत की किस्तें। 127 महीनों के एरियर की राशि का शीघ्र निपटारा करने की मांग उठाई गई। डॉ. मनोज शर्मा ने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सुक्खू सरकार को बार-बार अनुरोध करने पर भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार खजाना खाली होने का रोना रोती है। वहीं दूसरी ओर हाल ही में पब्लिक सर्विस कमीशन के चेयरपर्सन और सदस्यों की पेंशन में 40 प्रतिशत तक की भारी वृद्धि कर दी गई है। अब उनकी पेंशन क्रमश: 48,000 और 45,000 रुपये कर दी गई है, जिसमें हर साल 6 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान भी किया गया है। पेंशनरों ने कहा कि सरकार अपने करीबियों को उपकृत करने के लिए धन की कमी नहीं होने दे रही, लेकिन जिन कर्मचारियों ने जीवन भर प्रदेश की सेवा की, उन्हें पैसा देने के लिए खजाना खाली बताया जा रहा है। यह न केवल दुखद है बल्कि शर्मनाक भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द देनदारियों का भुगतान नहीं हुआ, तो संघ आंदोलन की राह पकड़ेगा। बैठक में डॉ. मनोज शर्मा और बाबूराम ठाकुर के अलावा क्षेत्र के दर्जनों सेवानिवृत्त कर्मचारी और महासंघ के सदस्य मौजूद रहे।