संस्कृत भारती का दस दिवसीय प्रबोधन वर्ग के समापन पर रजत अवस्थी संबोधित करते हुए
नालागढ़ के गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में संस्कृत प्रबोधन वर्ग संपन्न, 94 विद्यार्थियों ने सीखा भाषा का ज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। संस्कृत भारती हिमाचल प्रदेश के सोलन विभाग के तत्वाधान में गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल नालागढ़ में आयोजित दस दिवसीय आवासीय संस्कृत भाषा प्रबोधन वर्ग का रविवार को भव्य समापन हुआ। समारोह में तीन जिलों के 94 विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। समारोह के मुख्य वक्ता एवं संस्कृत भारती के प्रांत मंत्री डॉ. ज्ञानेश्वर शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाना ही संगठन का मुख्य ध्येय है। उन्होंने कहा कि संस्कृत मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का आधार है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवस्थी ग्रुप के निदेशक रजत अवस्थी ने की, जबकि पूर्व विधायक केएल ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के रूप में बलजीत कौशिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मंच का संचालन शिक्षक यश भारद्वाज ने किया, जबकि नालागढ़ जनपद मंत्री डॉ. प्रेमचंद शर्मा ने अतिथियों का स्वागत व परिचय करवाया। इस अवसर पर प्रशिक्षुओं ने संस्कृत में लघु नाटिकाएं और गीत प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
तीन जिलों के युवाओं ने लिया प्रशिक्षण
वर्ग के मुख्य शिक्षक डॉ. संतोष कुमार ने जानकारी दी कि इस आवासीय शिविर में सोलन, सिरमौर और बिलासपुर जिलों के विभिन्न महाविद्यालयों के 94 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। दस दिनों तक चले इस शिविर में विद्यार्थियों को संस्कृत बोलने और समझने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। आचार्य तिलक राम शर्मा ने शिविर की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मनीष शर्मा की अगुवाई में समाज का इस आयोजन में विशेष सहयोग रहा।