संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। दुर्गामाता मंदिर मितियां में आयोजित विशाल सत्संग समारोह में महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद ने कहा तीव्र पुण्य एवं पाप का फल तुरंत मिल जाता है। इसलिए पाप और पुण्य का फल देखते हुए पापों से बचने का प्रयास करे। धर्म का आचरण करें। भगवती श्रद्धा और विश्वास का मूर्त रूप है, श्रद्धा विश्वास के बिना लाख जन्म भी कोई भजन कर ले। उन्होंने कहा कि भगवती ने देवताओं की रक्षा की है। जहां संयम है वहां सुख है और जहां असंयम है वहां दुख है। जीवन में अभिमान न करें। अभियान की नाव में बैठा हुआ एक न एक दिन अवश्य डूबता है। मानव जीवन का जो परम उद्देश्य है वह भगवती और भगवान की प्राप्ति है। वर्तमान समय में यह वैदिक सनातन का कालखंड है। सनातन के कालखंड में देश का युवा आगे आ रहा है। इस मौके पर आयोजक और नालागढ़ के विधायक हरदीप सिंह बावा, परमिंंद्र कौर बावा, एसडीएम राजकुमार, तहसीलदार सतींद्रजीत, नायब तहसीलदार राजिंद्र ठाकुर, डीएसपी अजय ठाकुर, तहसीलदार एसडीओ भूपिंदर सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।