कुनिहार में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान मौजूद भक्तगण। संवाद
हाटकोट कुनिहार में शिव महापुराण कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार(सोलन)। शिव कांवड़ सेवा समिति हाटकोट कुनिहार में आयोजित शिव महापुराण कथा में कथा व्यास एवं राष्ट्रीय प्रचारक गौ रक्षा दल शशांक कौशल ने भगवान शिव के विभिन्न अवतारों और ज्योतिर्लिंगों की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान दुर्वासा अवतार, हनुमान अवतार और किरात अवतार के प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भगवान शिव की लीलाओं से अवगत करवाया गया।
कथा व्यास शशांक कौशल ने बताया कि भगवान शिव ने समय-समय पर संसार के कल्याण और धर्म की रक्षा के लिए विभिन्न रूपों में अवतार लिया। उन्होंने दुर्वासा अवतार के माध्यम से भगवान शिव के तप, तेज और धर्म के प्रति कठोर संकल्प का वर्णन किया। इसके साथ ही अत्रीश्वर और पशुपतिनाथ ज्योतिर्लिंग की महिमा बताते हुए कहा कि भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग स्वरूप का श्रद्धापूर्वक स्मरण और पूजन करने से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। हनुमान अवतार की कथा सुनाते हुए शशांक कौशल ने बताया कि भगवान शिव ने भगवान श्रीराम की सेवा और धर्म की स्थापना में सहयोग के लिए हनुमान जी के रूप में अवतार लिया। समुद्र मंथन के दौरान भगवान विष्णु के मोहिनी रूप से जुड़े प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि भगवान शिव के तेज का प्राकट्य हुआ। जिसे वायु देव के माध्यम से अंजनी माता के गर्भ तक पहुंचाया गया। इसके बाद हनुमान जी का जन्म हुआ।