पर्ची काउंटर से ओपीडी तक मारामारी, फर्श पर लेटने को मजबूर हुए मरीज, टोकन सिस्टम भी फेल
पर्ची काउंटर से ओपीडी तक पहुंचे में मरीजों में लगा दो से तीन घंटे का समय
निशिल मेहता
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में सोमवार को मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। रविवार की छुट्टी के बाद खुले अस्पताल में मरीजों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पर्ची काउंटर से लेकर ओपीडी तक तिल धरने की जगह नहीं बची। आलम यह था कि बारी के इंतजार में घंटों खड़े-खड़े थक चुके मरीज ओपीडी के बाहर फर्श पर ही लेट गए। अस्पताल परिसर में सुबह 7:00 बजे से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, लेकिन व्यवस्थाएं इस भारी दबाव के आगे बौनी साबित हुईं। पर्ची काउंटर पर एक-एक पर्ची कटवाने में आधे घंटे से ज्यादा का समय लगा। इसके बाद असली संघर्ष ओपीडी के बाहर शुरू हुआ। मेडिसिन ओपीडी के बाहर दोपहर 11:40 बजे तक केवल 40 नंबर तक के टोकन ही निपटाए जा सके थे, जबकि 150 से ज्यादा मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। अस्पताल में अव्यवस्था का आलम यह था कि पुरुष दवा काउंटर बंद होने के कारण सभी मरीजों को महिला काउंटर पर ही लंबी लाइन में लगना पड़ा। पहले पर्ची, फिर ओपीडी, उसके बाद टेस्ट और अंत में रिपोर्ट दिखाकर दवा लेने की प्रक्रिया में मरीजों के 4 से 5 घंटे बर्बाद हुए।
7 बजे आए थे, 11 बजे तक नंबर नहीं आया
राजगढ़ से इलाज के लिए आए बुजुर्ग तीमारदार मोहन लाल ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि वे सुबह 7:00 बजे ही अस्पताल पहुंच गए थे। पर्ची बनवाकर जब तक ओपीडी पहुंचे, तब तक भारी भीड़ हो चुकी थी। सुबह 11:00 बजे तक केवल 22 नंबर टोकन चल रहा था, जबकि उन्हें 89 नंबर का टोकन मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों को सही ओपीडी तक पहुंचाने के लिए मार्गदर्शन करने वाला कोई कर्मचारी तैनात नहीं है।
कोट
रविवार की छुट्टी के बाद अक्सर मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। अस्पताल प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि सभी को समय पर उपचार मिले। कर्मचारी मरीजों की सहायता के लिए तत्पर हैं।
- डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल,सोलन
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में सोमवार को मेडिसिन ओपीडी के बाहर बारी के इंतजार में लेटी महिला मरीज।