20 हजार का बिजली बिल आने पर जौणाजी में गांव सरकार के द्वार कार्यक्रम में छलका ग्रामीण का दर्द
कहा, बिजली बोर्ड ने काट दिया कनेक्शन, आठ दिन से रह रहा हूं अंधेरे में
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने मामलों को तुरंत सुलझाने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। विधानसभा क्षेत्र सोलन के जौणाजी में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में स्मार्ट मीटर पर बवाल हो गया। शिकायतकर्ता ने स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल के सामने बिजली बोर्ड के अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। कहा कि मीटर और पोल बोर्ड अपने साथ ले जाए और वे अब घर में दीया जलाकर गुजारा करेंगे। उन्होंने कहा कि बदलाव नहीं चाहिए, अब 50 साल पहले वाले जमाने में ही अपना जीवन व्यतीत करेंगे। शुक्रवार को जौणाजी में गांव सरकार के द्वार कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में 54 शिकायतें व 21 मांगे ग्रामीणों ने रखी। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत जौणाजी, कोटला मशीवर, सेर बनेड़ा, पड़ग, सलोगड़ा, धरोट, बसाल, शमरोड़ तथा नगर निगम सोलन के लोगों की समस्याएं सुनी गई। कार्यक्रम में स्मार्ट मीटर मामले में ग्रामीण ने कहा कि बोर्ड ने 20,000 रुपये का बिल दे दिया। जब जमा नहीं करवाया तो मीटर का कनेक्शन तक काट दिया। साथ ही कहा कि मकान के चार मीटर की दूरी पर बिजली बोर्ड ने पोल लगा दिया है। हर समय खतरा बना रहता है। ग्रामीण ने बोर्ड को कहा कि अब घर में बिजली तक नहीं है तो मीटर की भी क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि कहा कि पहले 300 रुपये बिल आता था, लेकिन अब एक बिल 12 हजार रुपये और दूसरा बिल 4,500 रुपये का दे दिया है। कार्यक्रम के दौरान बिल की पुन: जांच और माफ करने का आग्रह भी किया। इस बात का स्थानीय लोगों ने भी समर्थन किया और बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करने के लिए भी कहा। शिकायतकर्ता ने कहा कि अब सोलन में काफी अत्याचार होने लगा है। ऐसे में वे सिरमौर में चले गए हैं। सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम का पता लगने के बाद ही वे समस्या लेकर आए हैं। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह रोज बिजली बोर्ड के दफ्तर के चक्कर काट रहे है, अधिकारी चाय तो पिला रहे, पर समस्या ज्यों के त्यों पड़ी है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे बड़े हो गए हैं उनकी शादियां हो गई है। उन्हें दीया जलाकर जीवन व्यतीत करना पड़े तो वे भी आराम से कर सकते हैं। मामले में अधिकारियों ने गोलमोल जवाब दिए। वहीं, समस्या सुनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता ई. राहुल वर्मा को जांच के निर्देश जारी किए। साथ ही कहा कि बिल का भी समाधान जल्दी निकाला जाए। इस मौके पर उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक सोलन तिरुमलाराजू एसडी वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त राहुल जैन, उपमंडलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
पेंशन, सड़क, परिवहन, पानी के मुद्दे भी उठे
इसके अलावा पेंशन, सड़क, परिवहन, पानी से संबंधित मुद्दे भी उठाए। लोगों ने कहा कि सोलन-जौणाजी सड़क की हालत काफी खराब है। सड़क पर गड्ढे पड़े हुए हैं। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा पेंशन से संबंधित मुद्दे को भी पेंशनरों ने उठाया। मौके पर हिमाचल प्रदेश चकौता स्कीम 2015 के तहत धर्मदास पुत्र गंगाराम गांव चाचड़, नरेश कुमार पुत्र जय कृष्णा गांव घरोग, नानक चंद पुत्र संतराम गांव शेर चिराग को पांच बीघा भूमि का मालिकाना हक प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। शिविर में 90 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई। कार्यक्रम में 20 इंतकाल व 22 आधार कार्ड अद्यतन किए गए।
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कार्यक्रम का उद्देश्य घरद्वार पर हो समस्या का समाधान
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार गांव के द्वार उद्देश्य ग्रामीणों की घरद्वार पर समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से ग्रामीणों की समस्याओं का शीघ्र समाधान हो रहा है। इसके अलावा कहा कि राज्य के प्रत्येक व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रदेश सरकार का उद्देश्य है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार सभी स्वास्थ्य संस्थानों में चरणबद्ध आधार पर आधुनिक उपकरण लगा रही है, ताकि लोगों को घरद्वार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सके। स्वास्थ्य मंत्री ने विद्युत बोर्ड, जलशक्ति, लोक निर्माण, राजस्व विभाग व अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें सुनीं व अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए।