रोगी महंगे टेस्ट निजी लैब में कराने को मजबूर, एंटी रेबीज टीके भी अस्पताल में नहीं
रोगी कल्याण समिति की बैठक में दिया था आश्वासन, मगर नहीं हुई ठीक
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी अस्पताल में सीबीसी टेस्ट करने वाली मशीन तीन माह से खराब है, जिससे रोगियों को बाहर से टेस्ट कराने पड़ रहे है। बद्दी अस्पताल में बुखार के रोगी आ रहे हैं लेकिन मशीन खराब होने से रोगियों को टेस्ट अस्पताल में नहीं हो रहे। रोगी कल्याण समिति की बैठक में इसे ठीक करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी ठीक नहीं हो पाई।
बद्दी अस्पताल में 350 रोगी उपचार के लिए आते हैं। यहां पर सीबीसी टेस्ट करने की मशीन तीन माह से खराब पड़ी है। यह मशीन करीब दो लाख की लागत से आती है, लेकिन इसमें 50 हजार रुपये से अधिक मरम्मत का खर्चा आ रहा है। अस्पताल प्रशासन असमंजस में है कि इसे ठीक कराया जाए या नई मशीन ली जाए। रिपेयर करने के बाद अगर दोबारा खराब हो गई तो 50 हजार रुपये भी डूब जाएंगे। इसलिए अभी तक न तो यह रिपेयर हुई है न ही यहां पर दूसरी नई मशीन आई है। जिसका नुकसान रोगियों को हो रहा है।
इसके अलावा अस्पताल में रोगियों की एक्सरे तो हो रहे है। एक्सरे फिल्म न होने से रोगियों के एक्सरे चिकित्सक के फोन पर आ रहे हैं। आरकेएस की बैठक में भी एक्सरे उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अभी तक संभव नहीं हो पाया है। चिकित्सालय में रोगियों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन भी नहीं मिल रहे हैं। रोगियों को अपने पैसों से यह टीका खरीदना पड़ रहा है। बद्दी निवासी संजीव ठाकुर, दीपू पंडित, बेअंत ठाकुर ने बताया कि बद्दी अस्पताल में मौसम के बदलाव के चलते बुखार के रोगी आ रहे है। चिकित्सक उनके टेस्ट तो लिखते है लेकिन अस्पताल की प्रयोगशाला में न होने से बाहर से कराने पड़ रहे है। जिससे गरीब रोगियों पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। चिकित्सालय में दवाई का अभाव है और रोगियों को बाहर से ही महंगी दवाई खरीदनी पड़ रही है।
बद्दी के बीएमओ डॉ. संजय रनोट ने बताया कि सीबीसी मशीन नई लगाने के ऑर्डर किया गया है। मशीन अब मरम्मत करने लायक नहीं बची है। नई मशीन लगने पर रोगियों के अस्पताल में ही टेस्ट होंगे। चिकित्सालय में बुखार के रोगी तो आ रहे है लेकिन किसी भी रोगी का वायरल बुखार पॉजिटिव नहीं आया है। रोगी उपचार के बाद ठीक हो रहे है। अस्पताल में दवाओं को उपलब्धता के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है।