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चुनाव से होगा व्यापार मंडल सोलन के पदाधिकारियों का फैैसला

Tue, 27 Sep 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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व्यापार मंडल सोलन की बैठक में अापस में गले म‌िलते व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला
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व्यापारमंडल सोलन की आमसभा में गुटबाजी की रार भरती नजर आई। सोमवार देर रात तक चली बैठक में सभी कारोबारियों ने ध्वनिमत से लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव करवाने का फैसला लिया। चुनाव के लिए 20 और 27 नवंबर की तिथि प्रस्तावित की है। 2 नवंबर से त्योहारी सीजन के समाप्त होने के बाद सदस्यता अभियान का आगाज किया जाएगा। चुनावी व्यवस्था में कुछ बदलाव किए जाने पर भी फैसला हुआ है। इसमें कार्यकारिणी का समय तीन साल तक का होगा। चार के बजाय पांच पदों पर डायरेक्ट इलेक्शन होंगे। इसमें प्रधान, उपप्रधान, महासचिव, सचिव और कोषाध्यक्ष के प्रस्ताव शामिल हैं। इससे पहले कोषाध्यक्ष का चुनाव मनोनयन से किया जाता था। बैठक की अध्यक्षता मालरोड एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील चौधरी ने की।
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 प्रधान कुशल जेठी, उपप्रधान रमेश बंसल, सचिव सतीश बंसल, पूर्व प्रवक्ता मुकेश गुप्ता के अलावा सुनील जग्गा, रमेश सिंघला, हरीश मरवाहा, विजय सूद, नीरज वर्मा, प्रदीप एंगरेवर, राकेश सिंघल, योगेंद्र सेठी, सुरेंद्र बहल, राधेश्याम, सुशील चौधरी, विनय शर्मा, नवीन गुप्ता, भानु वर्मा और अमित डोभाल बैठक का हिस्सा बनेंगे। चुनावी देखरेख के लिए 11 कारोबारियों की समिति भी तैयार की।

कई युवा कारोबारी भी मैदान में उतरेंगे
आम सभा के इस फैसले के बाद चुनावी बिसात बिछना शुरू हो गई है। व्यापार मंडल की सरदारी के लिए लॉबिंग शुरू हो चुकी है। इस बार पांच पदों पर चुनाव होने हैं। ऐसे में जहां प्रधान के लिए पुराने दिग्गज कारोबारी आंख लगाए बैठे हैं, वहीं पुरानी सोच को टक्कर देने के लिए युवा कारोबारी भी चुनावी दंगल में उतरने को तैयार हैं। अभी प्रधान पद के लिए कुशल जेठी के अलावा मुकेश गुप्ता, नीरज वर्मा आदि के नाम सामने आ रहे हैं। इन चुनावों में अपनी साख जताने के लिए कांग्रेस और भाजपा से जुड़े कई अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।
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यह था पूरा विवाद
पूर्व व्यापारमंडल के कोर ग्रुप ने बैठक करके पांच सालों के लिए एक्स्टेंशन बढ़ा दी। कारोबारियों में विरोध के स्वर मुखर हुए और समानांतर व्यापार मंडल खड़ा करके सदस्यता अभियान छेड़ दिया। इसके बाद टुकड़ों में बंटे कारोबारियों को एक मंच पर लाने के प्रयास वरिष्ठ कारोबारियों ने शुरू कर दिए। नतीजतन कुछ समय पहले एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश व्यापार मंडल की बैठक के बाद आम सभा पर सहमती बनी। सोमवार को हुई आम सभा में गुटों में बंटे व्यापार मंडलों का विलय कर एक मंच तैयार किया गया।
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